कक्षा 6 संस्कृत शिक्षक डायरी
माहवार योजना एवं कार्य दिवस विभाजन
माहवार योजना एवं कार्य दिवस विभाजन
| माह | दिन क्रमांक | प्रस्तावित पाठ्यविषय / शिक्षण गतिविधियाँ |
| जून | दिन 1–15 | संस्कृत वर्णमाला (स्वर, व्यंजन, संयुक्त वर्ण), उच्चारण एवं मासिक आकलन 1 |
| जुलाई | दिन 16–37 | शब्द परिचय, लिंग, वचन, चित्र परिचय, अव्यय, संख्या (1–20) एवं मासिक आकलन 2 |
| अगस्त | दिन 38–57 | पाठ 1 (वयं वर्णमालां पठामः), पाठ 2 (एषः कः?…), सर्वनाम एवं मासिक आकलन 3 |
| सितम्बर | दिन 58–77 | पाठ 3 (अहं च त्वं च), पाठ 4 (अहं प्रातः उत्तिष्ठामि), लकार ज्ञान व त्रैमासिक आकलन |
| अक्टूबर | दिन 78–93 | पाठ 5 (शूराः वयं धीराः वयम्), पाठ 6 (सः एव महान् चित्रकारः) एवं मासिक आकलन 4 |
| नवम्बर | दिन 94–113 | पाठ 7 (अतिथिदेवो भव), पाठ 8 (बुद्धिः सर्वार्थसाधिका), धातु रूप एवं मासिक आकलन 5 |
| दिसम्बर | दिन 114–127 | पाठ 9 (यो जानाति सः पण्डितः), पाठ 10 (त्वम् आपणं गच्छ) व अर्धवार्षिक आकलन |
| जनवरी | दिन 128–149 | पाठ 11 (पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि), पाठ 12 (आलस्यं हि…), पाठ 13 (संख्या) व मासिक आकलन 6 |
| फरवरी | दिन 150–171 | पाठ 14 (माधवस्य प्रियम् अङ्गम्), पाठ 15 (वृक्षाः…), पुनरावृत्ति व मासिक आकलन 7 |
| मार्च | दिन 172–191 | वार्षिक आकलन, उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन एवं परीक्षा परिणाम घोषणा |
| अप्रैल | दिन 192–200 | कमजोर छात्रों हेतु उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) एवं सत्र समापन |
🔹 जून (दिन 1–15): वर्णमाला एवं प्रारम्भिक परिचय
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 1 | वर्णमाला का परिचय एवं स्वर उच्चारण | स्वर वर्णों को 5 बार लिखें। |
| 2 | स्वर वर्णों (अ, आ, इ, ई) का लेखन अभ्यास | अ, आ, इ, ई को 10 बार लिखें। |
| 3 | स्वर वर्णों (उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ) का अभ्यास | उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ को 10 बार लिखें। |
| 4 | समानाक्षर एवं संयुक्ताक्षर स्वरों का परिचय | संयुक्ताक्षर स्वरों की सूची बनाएँ। |
| 5 | अनुनासिक स्वरों का अभ्यास | अनुनासिक स्वरों को 5 बार लिखें। |
| 6 | स्वरों की पुनरावृत्ति एवं श्रुतलेख | स्वरों का श्रुतलेख अभ्यास करें। |
| 7 | व्यञ्जन वर्णों (क–घ) का परिचय | क, ख, ग, घ को 10 बार लिखें। |
| 8 | व्यञ्जन वर्णों (च–झ) का अभ्यास | च, छ, ज, झ को 10 बार लिखें। |
| 9 | व्यञ्जन वर्णों (ट–ढ) का उच्चारण | ट, ठ, ड, ढ को 10 बार लिखें। |
| 10 | व्यञ्जन वर्णों (त–ध) का अभ्यास | त, थ, द, ध को 10 बार लिखें। |
| 11 | व्यञ्जन वर्णों (प–म) का परिचय | प, फ, ब, भ, म को 10 बार लिखें। |
| 12 | अन्तःस्थ एवं ऊष्म वर्णों का परिचय | य, र, ल, व, श, ष, स, ह को लिखें। |
| 13 | संयुक्त व्यञ्जन (क्ष, त्र, ज्ञ) अभ्यास | क्ष, त्र, ज्ञ से 5-5 शब्द बनाएँ। |
| 14 | सम्पूर्ण वर्णमाला की पुनरावृत्ति | पूरी वर्णमाला लिखें। |
| 15 | मासिक आकलन 1 | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 जुलाई (दिन 16–37): भाषा बोध, लिंग, वचन एवं संख्या ज्ञान
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 16 | शब्द परिचय एवं नाम शब्द अभ्यास | 10 नाम शब्द लिखें। |
| 17 | लिङ्ग परिचय (पुंल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग) | 5-5 शब्द प्रत्येक लिङ्ग में लिखें। |
| 18 | लिङ्ग पहचान का अभ्यास | 10 शब्दों का लिङ्ग लिखें। |
| 19 | वचन परिचय (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) | 5 शब्दों के तीनों वचन लिखें। |
| 20 | वचन परिवर्तन का अभ्यास | 10 शब्दों का वचन परिवर्तन करें। |
| 21 | चित्र देखकर संस्कृत शब्द लेखन | 5 चित्रों के संस्कृत नाम लिखें। |
| 22 | चित्र परिचय पर 5 वाक्य निर्माण | 5 वाक्य चित्र देखकर लिखें। |
| 23 | क्रियापद का परिचय | 10 क्रियापद लिखें। |
| 24 | लट् लकार रूपों का अभ्यास | पठ् धातु के रूप लिखें। |
| 25 | वाक्य रचना अभ्यास | 5 वाक्य संस्कृत में लिखें। |
| 26 | अव्यय (च, अपि, एव, न) परिचय | अव्यय युक्त 5 वाक्य लिखें। |
| 27 | अव्यय युक्त वाक्य अभ्यास | 5 और वाक्य बनाएँ। |
| 28 | संख्या (1–10) शिक्षण | 1–10 संख्या लिखें। |
| 29 | संख्या (11–20) अभ्यास | 11–20 संख्या लिखें। |
| 30 | संख्या गीत द्वारा पुनरावृत्ति | संख्या गीत याद करें। |
| 31 | संख्या लेखन अभ्यास | 1–20 संख्या लिखें। |
| 32 | संख्या सम्बन्धी वाक्य रचना | 5 वाक्य संख्या सहित लिखें। |
| 33 | संख्या खेल अभ्यास | परिवार के सदस्यों की संख्या संस्कृत में लिखें। |
| 34 | सामान्य पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति अभ्यास करें। |
| 35 | प्रश्नोत्तरी अभ्यास | 10 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 36 | स्व-अभ्यास कार्य | स्व-अभ्यास पत्र हल करें। |
| 37 | मासिक आकलन 2 | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 अगस्त (दिन 38–57): पाठ 1 व पाठ 2 शिक्षण
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 38 | पाठ 1 ‘वयं वर्णमालां पठामः’ – पूर्व ज्ञान | पाठ 1 का पहला अनुच्छेद पढ़ें। |
| 39 | पाठ 1 – आदर्श वाचन | पाठ 1 का वाचन 3 बार करें। |
| 40 | पाठ 1 – अनुकरण एवं कठिन शब्द | पाठ 1 के कठिन शब्द लिखें। |
| 41 | पाठ 1 – शब्दार्थ स्पष्टीकरण | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 42 | पाठ 1 – अनुवाद एवं व्याख्या | पाठ 1 का अनुवाद लिखें। |
| 43 | पाठ 1 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 44 | पाठ 1 – प्रश्नोत्तर कार्य | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 45 | पाठ 1 – व्याकरण (वर्ण-विच्छेद) | 10 शब्दों का वर्ण-विच्छेद करें। |
| 46 | पाठ 1 – पुनरावृत्ति | पाठ 1 दोबारा पढ़ें। |
| 47 | पाठ 2 ‘एषः कः? एषा का? एतत् किम्?’ – पूर्व ज्ञान | पाठ 2 का चित्र देखें। |
| 48 | पाठ 2 – आदर्श वाचन | पाठ 2 का वाचन करें। |
| 49 | पाठ 2 – अनुकरण अभ्यास | पाठ 2 के कठिन शब्द लिखें। |
| 50 | पाठ 2 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 51 | पाठ 2 – अनुवाद एवं व्याख्या | पाठ 2 का अनुवाद लिखें। |
| 52 | पाठ 2 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 53 | पाठ 2 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 54 | पाठ 2 – व्याकरण (सर्वनाम) | सर्वनाम रूप लिखें। |
| 55 | पाठ 2 – पुनरावृत्ति | पाठ 2 दोबारा पढ़ें। |
| 56 | समग्र पुनरावृत्ति | पुनरावृत्ति अभ्यास करें। |
| 57 | मासिक आकलन 3 | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 सितम्बर (दिन 58–77): पाठ 3, पाठ 4 एवं त्रैमासिक आकलन
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 58 | पाठ 3 ‘अहं च त्वं च’ – पूर्व ज्ञान | पाठ 3 का चित्र देखें। |
| 59 | पाठ 3 – आदर्श वाचन | पाठ 3 का वाचन करें। |
| 60 | पाठ 3 – अनुकरण अभ्यास | पाठ 3 के कठिन शब्द लिखें। |
| 61 | पाठ 3 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 62 | पाठ 3 – अनुवाद एवं व्याख्या | पाठ 3 का अनुवाद लिखें। |
| 63 | पाठ 3 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 64 | पाठ 3 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 65 | पाठ 3 – व्याकरण (अस्मद्/युष्मद् रूप) | अस्मद् और युष्मद् रूप लिखें। |
| 66 | पाठ 3 – पुनरावृत्ति | पाठ 3 दोबारा पढ़ें। |
| 67 | पाठ 4 ‘अहं प्रातः उत्तिष्ठामि’ – पूर्व ज्ञान | अपनी दिनचर्या लिखें। |
| 68 | पाठ 4 – आदर्श वाचन | पाठ 4 का वाचन करें। |
| 69 | पाठ 4 – अनुकरण अभ्यास | पाठ 4 के कठिन शब्द लिखें। |
| 70 | पाठ 4 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 71 | पाठ 4 – अनुवाद | पाठ 4 का अनुवाद लिखें। |
| 72 | पाठ 4 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 73 | पाठ 4 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 74 | पाठ 4 – व्याकरण (लट् लकार) | लट् लकार के रूप लिखें। |
| 75 | पाठ 4 – पुनरावृत्ति | पाठ 4 दोबारा पढ़ें। |
| 76 | त्रैमासिक परीक्षा पूर्व तैयारी | मॉडल पेपर हल करें। |
| 77 | त्रैमासिक आकलन | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 अक्टूबर (दिन 78–93): पाठ 5 व पाठ 6 शिक्षण
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 78 | पाठ 5 ‘शूराः वयं धीराः वयम्’ – पूर्व ज्ञान | गीत की पहली पंक्ति याद करें। |
| 79 | पाठ 5 – वाचन एवं गायन | गीत का गायन अभ्यास करें। |
| 80 | पाठ 5 – अनुकरण एवं लेखन | गीत की 4 पंक्तियाँ लिखें। |
| 81 | पाठ 5 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 82 | पाठ 5 – अनुवाद | पाठ 5 का अनुवाद लिखें। |
| 83 | पाठ 5 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 84 | पाठ 5 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 85 | पाठ 5 – पुनरावृत्ति | गीत दोबारा गाएँ। |
| 86 | पाठ 6 ‘सः एव महान् चित्रकारः’ – पूर्व ज्ञान | रंगों के नाम लिखें। |
| 87 | पाठ 6 – आदर्श वाचन | पाठ 6 का वाचन करें। |
| 88 | पाठ 6 – कठिन शब्द | पाठ 6 के कठिन शब्द लिखें। |
| 89 | पाठ 6 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 90 | पाठ 6 – अनुवाद | पाठ 6 का अनुवाद लिखें। |
| 91 | पाठ 6 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 92 | पाठ 6 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 93 | मासिक आकलन 4 | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 नवम्बर (दिन 94–113): पाठ 7 व पाठ 8 शिक्षण
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 94 | पाठ 7 ‘अतिथिदेवो भव’ – पूर्व ज्ञान | अतिथि सत्कार पर 5 वाक्य लिखें। |
| 95 | पाठ 7 – आदर्श वाचन | पाठ 7 का वाचन करें। |
| 96 | पाठ 7 – अनुकरण अभ्यास | पाठ 7 के कठिन शब्द लिखें। |
| 97 | पाठ 7 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 98 | पाठ 7 – अनुवाद | पाठ 7 का अनुवाद लिखें। |
| 99 | पाठ 7 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 100 | पाठ 7 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 101 | पाठ 7 – पुनरावृत्ति | पाठ 7 दोबारा पढ़ें। |
| 102 | पाठ 8 ‘बुद्धिः सर्वार्थसाधिका’ – पूर्व ज्ञान | कथा का शीर्षक लिखें। |
| 103 | पाठ 8 – आदर्श वाचन | पाठ 8 का वाचन करें। |
| 104 | पाठ 8 – कठिन शब्द अभ्यास | पाठ 8 के कठिन शब्द लिखें। |
| 105 | पाठ 8 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 106 | पाठ 8 – अनुवाद | पाठ 8 का अनुवाद लिखें। |
| 107 | पाठ 8 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 108 | पाठ 8 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 109 | पाठ 8 – व्याकरण (धातु रूप) | धातु रूप लिखें। |
| 110 | पाठ 8 – पुनरावृत्ति | पाठ 8 दोबारा पढ़ें। |
| 111 | समग्र प्रश्नोत्तरी | 10 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 112 | स्व-अभ्यास | स्व-अभ्यास पत्र हल करें। |
| 113 | मासिक आकलन 5 | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 दिसम्बर (दिन 114–127): पाठ 9, पाठ 10 व अर्धवार्षिक आकलन
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 114 | पाठ 9 ‘यो जानाति सः पण्डितः’ – पूर्व ज्ञान | 2 प्रहेलिकाएँ लिखें। |
| 115 | पाठ 9 – आदर्श वाचन | पाठ 9 का वाचन करें। |
| 116 | पाठ 9 – कठिन शब्द | पाठ 9 के कठिन शब्द लिखें। |
| 117 | पाठ 9 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 118 | पाठ 9 – अनुवाद | पाठ 9 का अनुवाद लिखें। |
| 119 | पाठ 9 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 120 | पाठ 9 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 121 | पाठ 9 – पुनरावृत्ति | पाठ 9 दोबारा पढ़ें। |
| 122 | पाठ 10 ‘त्वम् आपणं गच्छ’ – पूर्व ज्ञान | बाजार से संबंधित 10 शब्द लिखें। |
| 123 | पाठ 10 – आदर्श वाचन | पाठ 10 का वाचन करें। |
| 124 | पाठ 10 – कठिन शब्द | पाठ 10 के कठिन शब्द लिखें। |
| 125 | पाठ 10 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 126 | अर्धवार्षिक आकलन की पूर्व तैयारी | मॉडल पेपर हल करें। |
| 127 | अर्धवार्षिक आकलन | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 जनवरी (दिन 128–149): पाठ 11 से पाठ 13 तक
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 128 | पाठ 11 ‘पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि’ – पूर्व ज्ञान | सुभाषित की पहली पंक्ति याद करें। |
| 129 | पाठ 11 – वाचन | पाठ 11 का वाचन करें। |
| 130 | पाठ 11 – कठिन शब्द | पाठ 11 के कठिन शब्द लिखें। |
| 131 | पाठ 11 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 132 | पाठ 11 – अनुवाद | पाठ 11 का अनुवाद लिखें। |
| 133 | पाठ 11 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 134 | पाठ 11 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 135 | पाठ 11 – पुनरावृत्ति | पाठ 11 दोबारा पढ़ें। |
| 136 | पाठ 12 ‘आलस्यं हि मनुष्याणां…’ – पूर्व ज्ञान | परिश्रम पर 5 वाक्य लिखें। |
| 137 | पाठ 12 – आदर्श वाचन | पाठ 12 का वाचन करें। |
| 138 | पाठ 12 – कठिन शब्द | पाठ 12 के कठिन शब्द लिखें। |
| 139 | पाठ 12 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 140 | पाठ 12 – अनुवाद | पाठ 12 का अनुवाद लिखें। |
| 141 | पाठ 12 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 142 | पाठ 12 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 143 | पाठ 12 – पुनरावृत्ति | पाठ 12 दोबारा पढ़ें। |
| 144 | पाठ 13 ‘सङ्ख्यागणना ननु सरला’ – पूर्व ज्ञान | 1–20 संख्या लिखें। |
| 145 | पाठ 13 – वाचन | पाठ 13 का वाचन करें। |
| 146 | पाठ 13 – अभ्यास (21–40 संख्या) | 21–40 संख्या लिखें। |
| 147 | पाठ 13 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 148 | पाठ 13 – अनुवाद | पाठ 13 का अनुवाद लिखें। |
| 149 | मासिक आकलन 6 | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 फरवरी (दिन 150–171): पाठ 14, पाठ 15 एवं पाठ्यक्रम पुनरावृत्ति
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 150 | पाठ 14 ‘माधवस्य प्रियम् अङ्गम्’ – पूर्व ज्ञान | शरीराङ्ग के 10 नाम लिखें। |
| 151 | पाठ 14 – वाचन | पाठ 14 का वाचन करें। |
| 152 | पाठ 14 – कठिन शब्द | पाठ 14 के कठिन शब्द लिखें। |
| 153 | पाठ 14 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 154 | पाठ 14 – अनुवाद | पाठ 14 का अनुवाद लिखें। |
| 155 | पाठ 14 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 156 | पाठ 14 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 157 | पाठ 14 – पुनरावृत्ति | पाठ 14 दोबारा पढ़ें। |
| 158 | पाठ 15 ‘वृक्षाः सत्पुरुषाः इव’ – पूर्व ज्ञान | वृक्ष पर 5 वाक्य लिखें। |
| 159 | पाठ 15 – वाचन | पाठ 15 का वाचन करें। |
| 160 | पाठ 15 – कठिन शब्द | पाठ 15 के कठिन शब्द लिखें। |
| 161 | पाठ 15 – शब्दार्थ | 10 शब्दार्थ लिखें। |
| 162 | पाठ 15 – अनुवाद | पाठ 15 का अनुवाद लिखें। |
| 163 | पाठ 15 – भावार्थ | भावार्थ याद करें। |
| 164 | पाठ 15 – प्रश्नोत्तर | 5 प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 165 | पाठ 15 – पुनरावृत्ति | पाठ 15 दोबारा पढ़ें। |
| 166 | पाठ 1–5 पुनरावृत्ति | पाठ 1–5 के प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 167 | पाठ 6–10 पुनरावृत्ति | पाठ 6–10 के प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 168 | पाठ 11–15 पुनरावृत्ति | पाठ 11–15 के प्रश्न-उत्तर लिखें। |
| 169 | मॉडल पेपर हल कार्य | मॉडल पेपर हल करें। |
| 170 | वार्षिक परीक्षा पूर्व सघन तैयारी | पूरा पाठ्यक्रम दोबारा पढ़ें। |
| 171 | मासिक आकलन 7 | आकलन में आए प्रश्नों को दोबारा लिखें। |
🔹 मार्च (दिन 172–191): वार्षिक आकलन एवं मूल्यांकन
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 172–181 | वार्षिक परीक्षा सत्र (प्रश्नपत्र एवं उत्तरपुस्तिका संकलन) | परीक्षा की तैयारी करें। |
| 182–185 | उत्तरपुस्तिकाओं का सघन मूल्यांकन | मूल्यांकन स्थिति की जानकारी लें। |
| 186–189 | परीक्षा परिणाम पत्रक तैयार करना एवं समीक्षा | परिणाम की समीक्षा करें। |
| 190 | वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषणा | परीक्षा परिणाम प्राप्त करें। |
| 191 | परिणाम का विश्लेषण | कमजोर छात्रों की सूची बनाएँ। |
🔹 अप्रैल (दिन 192–200): उपचारात्मक शिक्षण एवं सत्र समापन
| दिन | शिक्षण बिंदु / गतिविधि | गृहकार्य |
| 192 | कमजोर छात्रों का चिन्हांकन | अतिरिक्त अभ्यास पत्र हल करें। |
| 193–194 | उपचारात्मक कक्षाएं (Remedial Teaching) | उपचारात्मक अभ्यास पूर्ण करें। |
| 195 | उपचारात्मक मूल्यांकन | पुनः मूल्यांकन अभ्यास करें। |
| 196–197 | छात्र एवं अभिभावक फीडबैक सत्र | फीडबैक आधार पर सुधार करें। |
| 198–199 | आगामी सत्र योजना एवं पाठ्यक्रम समीक्षा | आगामी सत्र की तैयारी करें। |
| 200 | शिक्षक डायरी का सत्यापन एवं सत्र समापन | डायरी संधारण पूर्ण करें। |
मूल्यांकन एवं आकलन कैलेंडर (Assessment Schedule Summary)
शिक्षकों की सुविधा के लिए परीक्षा व आकलन का त्वरित चार्ट:
| मूल्यांकन का प्रकार | निर्धारित समय / दिन | माह |
| मासिक आकलन 1 | दिन 15 | जून |
| मासिक आकलन 2 | दिन 37 | जुलाई |
| मासिक आकलन 3 | दिन 57 | अगस्त |
| त्रैमासिक आकलन | दिन 76–77 | सितम्बर |
| मासिक आकलन 4 | दिन 93 | अक्टूबर |
| मासिक आकलन 5 | दिन 113 | नवम्बर |
| अर्धवार्षिक आकलन | दिन 126–127 | दिसम्बर |
| मासिक आकलन 6 | दिन 149 | जनवरी |
| मासिक आकलन 7 | दिन 171 | फरवरी |
| वार्षिक आकलन | दिन 172–191 | मार्च |
| उपचारात्मक शिक्षण | दिन 192–200 | अप्रैल |
💡 शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- नियमित वाचन: संस्कृत उच्चारण सुधारने के लिए छात्रों से प्रतिदिन कक्षा में सामूहिक स्वर-वाचन करवाएँ।
- टीएलएम (TLM) का उपयोग: लिंग, वचन और धातु रूप सिखाने के लिए फ्लैश कार्ड और चार्ट का प्रयोग करें।
- सतत मूल्यांकन: केवल बड़ी परीक्षाओं पर निर्भर रहने के बजाय दैनिक गृहकार्य और मासिक आकलन पर ध्यान दें।
शिक्षक डायरी हेतु प्रमुख अध्यापन बिंदु
पाठ 1: वयं वर्णमालां पठामः
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | स्वर एवं व्यंजन वर्णों का परिचय | छात्र स्वर और व्यंजन में अंतर कर सकेंगे |
| 2 | स्वरों के प्रकार – समानाक्षर व संध्यक्षर | छात्र सभी स्वरों को पहचान कर पढ़ सकेंगे |
| 3 | व्यंजनों के भेद – वर्गीय, अन्तःस्थ, ऊष्म, अयोगवाह | छात्र व्यंजनों का सही उच्चारण कर सकेंगे |
| 4 | गुणिताक्षरों का निर्माण | छात्र व्यंजन + स्वर मात्रा से गुणिताक्षर बना सकेंगे |
| 5 | संयुक्त व्यंजन | छात्र संयुक्त व्यंजनों को पढ़ और लिख सकेंगे |
| 6 | वर्ण-विच्छेद (वर्णों का अलग-अलग लेखन) | छात्र शब्दों का वर्ण-विच्छेद कर सकेंगे |
| 7 | उच्चारण स्थान – कंठ, तालु, मूर्धा, दंत, ओष्ठ, नासिका | छात्र वर्णों के उच्चारण स्थान जान सकेंगे |
| 8 | नामांताक्षरी क्रीड़ा | छात्र खेल-खेल में संस्कृत नामों को पहचान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: वर्णमाला चार्ट, फ्लैश कार्ड्स, इंटरैक्टिव बोर्ड
पाठ 2: एषः कः? एषा का? एतत् किम्?
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | पुंलिग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग की पहचान | छात्र शब्दों का लिंग पहचान सकेंगे |
| 2 | तद् और एतद् सर्वनामों का प्रयोग | छात्र ‘सः, सा, तत्, एषः, एषा, एतत्’ का प्रयोग कर सकेंगे |
| 3 | एकवचन, द्विवचन, बहुवचन | छात्र वचन के अनुसार शब्दों को बदल सकेंगे |
| 4 | प्रश्नवाचक शब्द – कः, का, किम् | छात्र प्रश्न पूछ सकेंगे और उत्तर दे सकेंगे |
| 5 | क्रियापद – पठति, पिबति, खादति, गच्छति, क्रीडति | छात्र विभिन्न क्रियाओं को पहचान सकेंगे |
| 6 | अकारान्त, आकारान्त, ईकारान्त शब्द | छात्र शब्दों के प्रकार पहचान सकेंगे |
| 7 | चित्र-पहचान एवं संस्कृत शब्दों से संबंध | छात्र चित्रों को संस्कृत में पहचान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: चित्र चार्ट, वस्तुएं, इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर
पाठ 3: अहं च त्वं च
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | सर्वनाम – अहम्, आवाम्, वयम् (उत्तम पुरुष) | छात्र अपने बारे में बात कर सकेंगे |
| 2 | सर्वनाम – त्वम्, युवाम्, यूयम् (मध्यम पुरुष) | छात्र दूसरों को संबोधित कर सकेंगे |
| 3 | ‘अस्’ धातु के रूप (अस्मि, स्थः, स्मः, असि, स्थः, स्थ) | छात्र ‘हूँ, हो, हैं’ का सही प्रयोग कर सकेंगे |
| 4 | व्यवसायों/पदों के नाम (छात्रः, चिकित्सकः, शिक्षकः, गायिका आदि) | छात्र विभिन्न व्यवसायों को संस्कृत में कह सकेंगे |
| 5 | पुरुष और वचन का सही समन्वय | छात्र क्रिया का पुरुष और वचन से मेल कर सकेंगे |
| 6 | ‘त्वमेव माता…’ श्लोक का पाठ | छात्र श्लोक का अर्थ समझ सकेंगे |
| 7 | संवाद-निर्माण (परिचय देना) | छात्र अपना परिचय संस्कृत में दे सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: भूमिका-निर्वाह कार्ड्स, संवाद चार्ट
पाठ 4: अहं प्रातः उत्तिष्ठामि
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | समय बताना (सपाद, सार्ध, पादोन, वादनम्) | छात्र संस्कृत में समय बता सकेंगे |
| 2 | दिनचर्या के क्रियापद – उत्तिष्ठामि, करोमि, पिबामि, गच्छामि | छात्र अपनी दिनचर्या बता सकेंगे |
| 3 | संख्या 1-12 का ज्ञान | छात्र संख्या 1-12 पढ़ और लिख सकेंगे |
| 4 | शिष्टाचार एवं संस्कार – माता-पिता का सम्मान | छात्र शिष्टाचार के महत्व को समझ सकेंगे |
| 5 | प्रश्न – “कः समयः?” | छात्र समय पूछ सकेंगे और बता सकेंगे |
| 6 | भारतीय ज्ञान परंपरा – समय मापन यंत्र (घटीयन्त्र) | छात्र प्राचीन भारतीय समय मापन से परिचित होंगे |
| 7 | प्रातः स्मरण एवं भूमि वंदना के श्लोक | छात्र प्रातःकालीन श्लोकों को समझ सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: घड़ी मॉडल, दिनचर्या चार्ट
पाठ 5: शूराः वयं धीराः वयम्
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 3-4 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | गीत का सामूहिक गायन और भावार्थ | छात्र देशभक्ति गीत को गा सकेंगे और उसका अर्थ समझ सकेंगे |
| 2 | नए शब्द – शूराः, धीराः, वीराः, सुतराम्, गुणशालिनः | छात्र नए शब्दों का अर्थ जान सकेंगे और प्रयोग कर सकेंगे |
| 3 | भारतीय वीरों एवं वीरांगनाओं का परिचय | छात्र देश के वीरों के बारे में जान सकेंगे |
| 4 | प्रथम विभक्ति बहुवचन रूप | छात्र बहुवचन रूपों का प्रयोग कर सकेंगे |
| 5 | देशभक्ति के मूल्य | छात्र देशभक्ति, साहस, धैर्य के गुणों को समझ सकेंगे |
| 6 | राष्ट्रनायकों की पहचान | छात्र महापुरुषों के चित्रों को पहचान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: गीत के श्लोक चार्ट, महापुरुषों के चित्र
पाठ 6: सः एव महान् चित्रकारः
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 3-4 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | रंगों के नाम संस्कृत में – हरितः, रक्तः, नीलः, पीतः, श्वेतः | छात्र विभिन्न रंगों को संस्कृत में कह सकेंगे |
| 2 | प्राकृतिक वस्तुओं की पहचान – पुष्पाणि, पर्णानि, खगाः | छात्र प्रकृति के अंगों को पहचान सकेंगे |
| 3 | संवाद पठन एवं अभिनय | छात्र संवाद को पढ़ और समझ सकेंगे |
| 4 | प्रश्नोत्तर – एकपद एवं पूर्णवाक्य में | छात्र प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे |
| 5 | राष्ट्रध्वज के रंग | छात्र तिरंगे के रंगों को जान सकेंगे |
| 6 | रंगों के पर्यायवाची शब्द | छात्र एक रंग के अनेक पर्याय जान सकेंगे |
| 7 | प्रकृति में ईश्वर का चित्रण | छात्र प्रकृति में ईश्वर की रचना को पहचान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: रंग चार्ट, फूल/पत्ते, राष्ट्रध्वज, चित्र
पाठ 7: गोमाता
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 3-4 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | गाय की महिमा और ‘गावो विश्वस्य मातरः’ | छात्र गाय के महत्व को समझ सकेंगे |
| 2 | पंचगव्य एवं पंचामृत का महत्व | छात्र पंचगव्य के घटक और उपयोग जान सकेंगे |
| 3 | गोदुग्ध, घृत, दधि, तक्र के लाभ | छात्र गो-उत्पादों के पोषण मूल्य को समझ सकेंगे |
| 4 | आयुर्वेद में गोमूत्र और गोमय का उपयोग | छात्र गो-उत्पादों के औषधीय गुण जान सकेंगे |
| 5 | भारत में गाय की विभिन्न नस्लें | छात्र गाय की नस्लों के नाम जान सकेंगे |
| 6 | गोवर्धन पूजा एवं गाय का धार्मिक महत्व | छात्र गोवर्धन पूजा का महत्व समझ सकेंगे |
| 7 | गोगीत – मंगलकत्रीं अम्बाऽस्माकं गोमाता | छात्र गोगीत गा सकेंगे और उसका अर्थ समझ सकेंगे |
| 8 | अव्ययों का परिचय – सदा, नूनम्, तथैव | छात्र अव्यय शब्दों को पहचान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: गाय का चित्र, दुग्ध उत्पाद, आयुर्वेदिक जानकारी
पाठ 8: बुद्धिः सर्वार्थसाधिका
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | कथा-पठन – शशक और गजराज की कहानी | छात्र कथा को पढ़ और समझ सकेंगे |
| 2 | बुद्धि का महत्व (बुद्धिः सर्वार्थसाधिका) | छात्र बुद्धि की श्रेष्ठता को समझ सकेंगे |
| 3 | नए शब्द – सरोवरः, गजः, शशकः, मूताः, भीताः, प्रतिबिम्बम् | छात्र नए शब्दों का अर्थ जान सकेंगे और प्रयोग कर सकेंगे |
| 4 | लट् लकार (वर्तमान काल) – तिप्, तस्, झि, सिप्, थस्, थ, मिप्, वस्, मस् | छात्र वर्तमान काल के क्रियापद बना सकेंगे |
| 5 | धातु की पहचान – गम्, स्था, कृ, कथ् | छात्र धातुओं को पहचान सकेंगे और उनके रूप बना सकेंगे |
| 6 | वचन एवं पुरुष की पहचान | छात्र क्रियापदों का वचन और पुरुष निर्धारित कर सकेंगे |
| 7 | बुद्धि के उदाहरण | छात्र जीवन में बुद्धि के उपयोग को समझ सकेंगे |
| 8 | पर्यायवाची शब्दों का मेलन | छात्र पर्यायवाची शब्दों को पहचान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: कथा चित्र, बुद्धि से संबंधित उदाहरण
पाठ 9: यो जानाति सः पण्डितः
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | प्रहेलिकाओं का परिचय एवं उनका हल | छात्र प्रहेलिकाओं को समझ सकेंगे और उनके उत्तर खोज सकेंगे |
| 2 | गुरु-शिष्य परंपरा | छात्र गुरु-शिष्य संबंधों को समझ सकेंगे |
| 3 | ग्रन्थ और उनके रचयिता | छात्र प्रमुख ग्रंथों और उनके रचयिताओं को जान सकेंगे |
| 4 | पति-पत्नी संबंध (पौराणिक) | छात्र पौराणिक पति-पत्नी संबंधों को जान सकेंगे |
| 5 | षष्ठी विभक्ति (संबंध कारक) – रूपों की पहचान | छात्र षष्ठी विभक्ति रूपों का प्रयोग कर सकेंगे |
| 6 | कुटुम्ब का परिचय संस्कृत में | छात्र अपने परिवार का परिचय दे सकेंगे |
| 7 | सर्वनाम षष्ठी विभक्ति – मम्, तव, तस्य, तस्याः | छात्र सर्वनामों का प्रयोग संबंध कारक में कर सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: प्रहेलिका कार्ड्स, परिवार वृक्ष चार्ट
पाठ 10: त्वम् आपणं गच्छ
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | बाजार जाना – व्यवहारिक संस्कृत | छात्र बाजार में खरीदारी के लिए संस्कृत में बात कर सकेंगे |
| 2 | आज्ञार्थक (लोट् लकार) का परिचय | छात्र आज्ञा और प्रार्थना के लिए लोट् लकार का प्रयोग कर सकेंगे |
| 3 | लोट् लकार के रूप – पठतु, पठताम्, पठन्तु | छात्र लोट् लकार के रूप बना सकेंगे |
| 4 | सामान एवं उनके मूल्य | छात्र सामानों के नाम संस्कृत में जान सकेंगे |
| 5 | सब्जियाँ और मसालों के नाम – मुद्रः, शर्करा, गुङः, द्विदलम्, सर्षपः | छात्र विभिन्न वस्तुओं के नाम जान सकेंगे |
| 6 | संख्या 1-500 का ज्ञान | छात्र बड़ी संख्याओं को पढ़ और लिख सकेंगे |
| 7 | सुभाषितों में लोट् लकार | छात्र सुभाषितों में प्रयुक्त लोट् लकार को पहचान सकेंगे |
| 8 | सड़क नियमों का ज्ञान | छात्र सड़क नियमों को संस्कृत में जान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: बाजार की वस्तुओं के चित्र, रोल-प्ले सेटअप
पाठ 11: पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | सुभाषितों का पठन एवं भावार्थ | छात्र 7 सुभाषितों को पढ़, समझ और स्मरण कर सकेंगे |
| 2 | तीन रत्न – जलम्, अन्नम्, सुभाषितम् | छात्र जीवन में जल, अन्न और सुवचन के महत्व को समझ सकेंगे |
| 3 | ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का भाव | छात्र विश्वबंधुत्व के भाव को समझ सकेंगे |
| 4 | उद्यम एवं परिश्रम का महत्व | छात्र परिश्रम की आवश्यकता समझ सकेंगे |
| 5 | विद्या से सुख तक का क्रम | छात्र विद्या → विनय → पात्रता → धन → धर्म → सुख को समझ सकेंगे |
| 6 | ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ | छात्र मातृभूमि के प्रति प्रेम को समझ सकेंगे |
| 7 | प्रथमा विभक्ति – लिंगानुसार शब्दों की पहचान | छात्र प्रथमा विभक्ति के पुंलिग, स्त्रीलिग, नपुंसकलिग शब्दों को पहचान सकेंगे |
| 8 | ग्रंथों का परिचय – चाणक्यनीति, मनुस्मृति, पंचतंत्र, हितोपदेश | छात्र प्रमुख संस्कृत ग्रंथों को जान सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: सुभाषित चार्ट, सचित्र पोस्टर
पाठ 12: आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | कथा-पठन – भिक्षुक और धनिक | छात्र कथा को पढ़ और समझ सकेंगे |
| 2 | आलस्य और उद्यम का विरोध | छात्र आलस्य के दोष और उद्यम के गुण को समझ सकेंगे |
| 3 | द्वितीया विभक्ति (कर्म कारक) का परिचय | छात्र द्वितीया विभक्ति रूपों का प्रयोग कर सकेंगे |
| 4 | द्वितीया विभक्ति – पुंलिग, स्त्रीलिग, नपुंसकलिग रूप | छात्र विभिन्न लिंगों में द्वितीया विभक्ति रूप बना सकेंगे |
| 5 | एकवचन से बहुवचन में परिवर्तन | छात्र वाक्यों में वचन परिवर्तन कर सकेंगे |
| 6 | सर्वनामों की द्वितीया विभक्ति – माम्, त्वाम्, तम् | छात्र सर्वनामों का प्रयोग कर्म कारक में कर सकेंगे |
| 7 | क्रियापदों की पहचान | छात्र क्रियापदों को पहचान सकेंगे |
| 8 | भाषा क्रीड़ा – कर्म कारक | छात्र खेल-खेल में कर्म कारक सीख सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: कथा चित्र, कार्ड्स, कर्म कारक चार्ट
पाठ 13: सङ्ख्यागणना ननु सरला
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | संख्या 1-50 का पठन एवं लेखन | छात्र 1-50 संख्याओं को संस्कृत में पढ़ और लिख सकेंगे |
| 2 | संख्यागीत का गायन | छात्र संख्यागीत गा सकेंगे और संख्याओं को याद कर सकेंगे |
| 3 | 1-50 के बीच संख्याओं का प्रयोग | छात्र वाक्यों में संख्याओं का प्रयोग कर सकेंगे |
| 4 | संख्या-प्रसिद्धः – एक ब्रह्म, द्वै अयने, त्रीणि वचनानि, चत्वारि युगानि | छात्र संख्याओं के सांस्कृतिक महत्व को समझ सकेंगे |
| 5 | पंच, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश की विशेषता | छात्र 5,6,7,8,9,10 से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य जान सकेंगे |
| 6 | चित्रों में संख्याएँ पहचानना | छात्र चित्रों में संख्याओं को पहचान सकेंगे |
| 7 | उपस्थिति पंजिका में संख्याएँ पढ़ना | छात्र उपस्थिति पंजिका को पढ़ सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: संख्या चार्ट, संख्यागीत, चित्र
पाठ 14: माधवस्य प्रियम् अङ्गम्
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | शरीर के अंगों के नाम – नयनम्, कर्णः, मुखम्, पादः, हस्तः, उदरम् | छात्र शरीर के अंगों को संस्कृत में पहचान सकेंगे |
| 2 | कथा पठन – अंगों की चर्चा | छात्र कथा पढ़ और उसका अर्थ समझ सकेंगे |
| 3 | प्रत्येक अंग का कार्य | छात्र अंगों के कार्यों को संस्कृत में बता सकेंगे |
| 4 | शरीर के अंगों की संख्या | छात्र अंगों की संख्या बता सकेंगे |
| 5 | नाट्याभिनय – अंगों का संवाद | छात्र संवादों का अभिनय कर सकेंगे |
| 6 | मधुराष्टकम् का पठन | छात्र मधुराष्टकम् का एक भाग पढ़ सकेंगे और समझ सकेंगे |
| 7 | ‘सर्वाङ्गानि श्रेष्ठानि’ – सभी अंगों की उपयोगिता | छात्र सभी अंगों के सामूहिक महत्व को समझ सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: शरीर का चित्र, अंगों के नाम चार्ट
पाठ 15: वृक्षाः सत्पुरुषाः इव
अध्यापन बिंदु
कालखंड: 4-5 सत्र
अध्यापन बिंदु:
| क्रम | अध्यापन बिंदु | सीखने के प्रत्याशित परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | सुभाषितों का पठन एवं भावार्थ | छात्र 5 सुभाषितों को पढ़, समझ और स्मरण कर सकेंगे |
| 2 | वृक्ष और सत्पुरुष की समानता | छात्र वृक्षों के परोपकारी गुणों को समझ सकेंगे |
| 3 | परोपकार का महत्व – वृक्ष, नदी, गाय, शरीर | छात्र परोपकार के विभिन्न रूपों को समझ सकेंगे |
| 4 | नए शब्द – आतपः, परार्थाय, सत्पुरुषाः, वापी, हृदः, द्रुमः | छात्र नए शब्दों का अर्थ जान सकेंगे |
| 5 | वृक्षों से मिलने वाली वस्तुएँ – पुष्पम्, पत्रम्, फलम्, छाया, मूलम्, वल्कलम्, दारु | छात्र वृक्षों के उपयोगों को जान सकेंगे |
| 6 | ‘वृक्षाः सत्पुरुषाः इव’ – उपमा की समझ | छात्र उपमा अलंकार को समझ सकेंगे |
| 7 | विभक्तियों की पहचान | छात्र विभिन्न विभक्तियों को पहचान सकेंगे |
| 8 | प्रहेलिका – ‘वृक्षाग्रवासी…’ | छात्र प्रहेलिका को हल कर सकेंगे |
| 9 | पर्यावरण संरक्षण का संदेश | छात्र वृक्षों के संरक्षण का महत्व समझ सकेंगे |
शिक्षण सहायक सामग्री: वृक्षों के चित्र, पर्यावरण पोस्टर, सुभाषित चार्ट
सारांश – वार्षिक अधिगम उद्देश्य
| क्षेत्र | सीखने के परिणाम |
|---|---|
| शब्दावली | लगभग 400-500 संस्कृत शब्दों का ज्ञान |
| व्याकरण | लिंग, वचन, पुरुष, तीन काल, तीन विभक्तियाँ |
| लेखन | वर्णमाला, शब्द, वाक्य लेखन |
| पठन | सरल गद्यांश, सुभाषित, गीत का पठन |
| संवाद | परिचय, दिनचर्या, बाजार आदि विषयों पर संवाद |
| सांस्कृतिक | संस्कृत साहित्य, परंपरा, मूल्यों का ज्ञान |
| मूल्य | शिष्टाचार, देशभक्ति, परोपकार, पर्यावरण संरक्षण |
