🔹 खंड – अ (वस्तुनिष्ठ एवं अति लघु उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 1. हिन्दी महासागर के लिये ‘मातृभूमि’ कविता में कौन सा शब्द आया है?
उत्तर: (द) सिंधु
प्रश्न 2. हॉकी के जादूगर के नाम से किसे जाना जाता है?
उत्तर: (ब) मेजर ध्यानचंद
प्रश्न 3. बर्लिन ओलंपिक हुआ था –
उत्तर: (अ) सन् 1936
प्रश्न 4. ‘नीले नयनों सा यह अंबर, काली पुतली से ये जलधर’ में काली पुतली है –
उत्तर: (द) बादल
प्रश्न 5. “हार की जीत” पाठ के लेखक हैं –
उत्तर: (स) सुदर्शन
प्रश्न 6. रहीम किस काल के कवि थे?
उत्तर: (स) भक्तिकाल
प्रश्न 7. लांस नायक भारतीय सेना के किस अधिकारी को कहते थे?
उत्तर: लांस नायक भारतीय सेना का एक पद (रैंक) है। ‘गोल’ पाठ के अनुसार, मेजर ध्यानचंद सेना में लांस नायक थे।
प्रश्न 8. ‘अंकुर फूट पड़ा धरती से’ – ‘फूट’ शब्द के प्रयोग से अनेक अर्थ वाले शब्द लिखो।
उत्तर: ‘फूट’ शब्द के अनेक अर्थ होते हैं, जैसे:
- अंकुर फूटना (अंकुरण होना, बीज से पौधा निकलना)
- फूट डालना (विभाजन करना, लड़ाई कराना)
- घड़ा फूटना (बर्तन का टूटना)
- फूट-फूट कर रोना (बहुत अधिक रोना)
प्रश्न 9. इन शब्दों के अर्थ लिखिये –
उत्तर:
(अ) चकित – आश्चर्यचकित, हैरान
(ब) अधीर – बेसब्री से भरा, धैर्यहीन
(स) डर – भय, त्रास
(द) साहस – हिम्मत, वीरता
प्रश्न 10. निम्न शब्दों का अर्थ परिचय रूप में लिखिए –
उत्तर:
(अ) हिमालय – भारत की उत्तरी सीमा पर फैली विशाल पर्वत-माला।
(ब) रघुपति – श्री रामचंद्र का एक नाम, दशरथ के पुत्र।
(स) सीता – जनक की पुत्री जानकी।
(द) गौतमबुद्ध – एक प्रसिद्ध महापुरुष, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक।
प्रश्न 11. विलोम शब्द लिखिये –
उत्तर:
(अ) जीवन x मरण
(ब) सुख x दुख
(स) स्वार्थ x परमार्थ
(द) प्रकाश x अंधकार
🔹 खंड – ब (लघु उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 12. पुष्प की क्या-क्या अभिलाषा है अपने शब्दों में लिखो?
उत्तर: ‘पुष्प की अभिलाषा’ कविता के अनुसार, पुष्प नहीं चाहता कि उसे बगीचों में गूंथा जाए, प्रेमियों की माला में बिंधे, राजाओं के शव पर डाला जाए या देवताओं के सिर पर चढ़ाया जाए। उसकी एकमात्र अभिलाषा है कि उसे उस रास्ते पर फेंका जाए जिस रास्ते से मातृभूमि पर अपना शीश न्योछावर करने वाले वीर सैनिक जाते हैं।
प्रश्न 13. बारिश की पहली बूँद से धरती का हर्ष कैसे प्रकट होता है?
उत्तर: बारिश की पहली बूँद धरती के सूखे अधरों पर अमृत की तरह गिरती है। इससे धरती से अंकुर फूट पड़ते हैं, मानो धरती ने नए जीवन की अंगड़ाई ली हो। हरी दूब रूपी रोमावली से धरती पुलकित होकर मुस्कुरा उठती है।
प्रश्न 14. प्रेम के धागे में पिरोना से क्या आशय है कविता के उदाहरण से स्पष्ट कीजिये?
उत्तर: ‘प्रेम के धागे में पिरोना’ का आशय है प्रेम और विश्वास के संबंध को सहेजकर रखना। रहीम जी के दोहे के अनुसार, “रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय। टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।” अर्थात प्रेम रूपी धागे को कभी नहीं तोड़ना चाहिए, क्योंकि यदि यह एक बार टूट गया तो जोड़ने पर गाँठ पड़ जाती है, यानी रिश्ते में दरार आ जाती है।
🔹 खंड – स (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 30 अंक)
प्रश्न 15. ध्यानचंद के स्थान पर आप होते तो क्या आप बदला लेते? यदि हाँ तो बताइए कि आप बदला किस प्रकार लेते?
उत्तर: यदि मैं ध्यानचंद के स्थान पर होता, तो मैं भी बदला लेता, लेकिन बुरे तरीके से नहीं। मैं खेल भावना का सम्मान करते हुए अपने कौशल से बदला लेता। जिस खिलाड़ी ने मुझे हॉकी मारी थी, मैं उसके सामने अपना श्रेष्ठ खेल दिखाता और एक के बाद एक कई गोल करके अपनी टीम को जिताता। साथ ही, खेल समाप्त होने पर उसे समझाता कि गुस्सा करना और चोट पहुँचाना खेल की भावना के खिलाफ है। इस तरह, मैं अपनी जीत से उसे शर्मिंदा करता, जो सबसे अच्छा बदला होता है।
(अथवा)
मुझे क्रिकेट और बैडमिंटन खेलना बहुत पसंद है। क्रिकेट मुझे इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें टीम वर्क, धैर्य और रणनीति की आवश्यकता होती है। जब बल्लेबाज छक्का मारता है या गेंदबाज विकेट लेता है, तो बहुत रोमांच आता है। बैडमिंटन मुझे इसलिए पसंद है क्योंकि यह शारीरिक फिटनेस और तेज गति का खेल है। यह मेरे मन को तरोताजा करता है और मुझे ऊर्जा से भर देता है।
प्रश्न 16. अत्यधिक गर्मी, सर्दी या बारिश में जो स्थिति देखी है, उसका आँखों देखा हाल अपनी भाषा में लिखो?
उत्तर: मैंने अत्यधिक गर्मी की स्थिति देखी है। दोपहर के समय सूरज आग की तरह तपता है। गलियाँ और सड़कें सुनसान हो जाती हैं। पक्षी भी प्यासे होकर पेड़ों की छाया में छिप जाते हैं। लू के थपेड़ों से चलना मुश्किल हो जाता है। पानी की कमी महसूस होती है और बिजली की कटौती से परेशानी बढ़ जाती है। लोग ठंडे पेय और छायादार जगहों की तलाश करते हैं।
(अथवा)
आज से कई दशक पहले, जब लड़कियों की शिक्षा पर ज्यादा जोर नहीं दिया जाता था, तब भी बिस्मिल की माँ शिक्षा के महत्व को समझती थीं। उन्होंने स्वयं घर का काम करने के बाद पढ़ना-लिखना सीखा। उन्होंने अपने बेटे बिस्मिल को विवाह के लिए दबाव डालने के बजाय पहले शिक्षा पूरी करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना था कि शिक्षा ही व्यक्ति को साहसी, जागरूक और स्वतंत्र विचारों वाला बनाती है।
प्रश्न 17. निम्न पद्यांशों का संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए?
उत्तर (विकल्प 1):
संदर्भ: प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मल्हार’ में संकलित कविता ‘मातृभूमि’ से लिया गया है। इसके रचनाकार श्री सोहनलाल द्विवेदी जी हैं।
व्याख्या: कवि भारत की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन करते हुए कहते हैं कि हमारा हिमालय पर्वत बहुत ऊँचा है, जो आकाश को चूमता है। उसके नीचे चरणों में सागर (सिंधु) लगातार झूमता रहता है, अर्थात हिमालय की विशालता के आगे समुद्र भी नतमस्तक है। यहाँ की नदियाँ लहराती रहती हैं और हर कदम पर सुंदर छटा बिखेरती हैं। यह पंक्ति भारत की भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक गौरव को दर्शाती है।
(अथवा)
संदर्भ: प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मल्हार’ में संकलित ‘रहीम के दोहे’ से लिया गया है। इसके रचनाकार अब्दुरहीम खानखाना हैं।
व्याख्या: रहीम जी कहते हैं कि बड़े लोगों को देखकर छोटों को तुच्छ नहीं समझना चाहिए। जिस प्रकार तलवार बहुत बड़ी और धारदार होती है, लेकिन जब कपड़े सिलने की बात आती है, तो छोटी-सी सुई ही काम आती है, तलवार नहीं। इसी प्रकार, संसार में हर व्यक्ति और वस्तु का अपना अलग महत्व होता है। किसी को भी छोटा या बेकार नहीं समझना चाहिए।
