मित्राय नमः कक्षा 7 संस्कृत पाठ 3
इस पाठ का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सूर्यनमस्कार (सूर्य को नमस्कार) के महत्व, उसके मंत्रों, आसनों तथा स्वास्थ्य लाभों से परिचित कराना है। सूर्यनमस्कार भारतीय योग परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर, मन और आत्मा — तीनों को स्वस्थ बनाता है। इस पाठ में संवाद के माध्यम से आचार्या छात्रों को सूर्यनमस्कार के 12 आसनों और मंत्रों की शिक्षा देती हैं।
📖 पाठ का सारांश
एक दिन योगिता और अन्य छात्र आचार्या के पास जाते हैं और सूर्यनमस्कार सीखने की इच्छा प्रकट करते हैं। आचार्या कहती हैं — “आज हम सूर्यनमस्कार सीखेंगे।” वे बताती हैं कि सूर्यनमस्कार द्वादश (12) आसनों का समाहार है। प्रत्येक आसन का एक मंत्र होता है।
12 आसन और मंत्र:
- प्रणामासन — ॐ मित्राय नमः
- हस्तउत्तानासन — ॐ रवये नमः
- पादहस्तासन — ॐ सूर्याय नमः
- अश्वसंचालनासन — ॐ भानवे नमः
- दण्डासन — ॐ खगाय नमः
- अष्टाङ्गनमस्कारासन — ॐ पूष्णे नमः
- भुजंगासन — ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
- पर्वतासन — ॐ मरीचये नमः
- अश्वसंचालनासन — ॐ आदित्याय नमः
- पादहस्तासन — ॐ सवित्रे नमः
- हस्तउत्तानासन — ॐ अर्काय नमः
- प्रणामासन — ॐ भास्कराय नमः
(सर्वान्ते) ॐ सवितृसूर्यनारायणाय नमः
आचार्या बताती हैं कि सूर्यनमस्कार से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक बल बढ़ता है। इससे आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज — सब बढ़ते हैं। अतः हमें प्रतिदिन सूर्यनमस्कार करना चाहिए।
अंत में आचार्या एक श्लोक पढ़ाती हैं —
आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने।
आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते॥
भावार्थ: जो लोग प्रतिदिन सूर्य को नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, बुद्धि, बल, वीर्य और तेज — सब बढ़ते हैं।
📝 श्लोक एवं भावार्थ
श्लोक:
आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने।
आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते॥
भावार्थ: जो मनुष्य प्रतिदिन सूर्यदेव को नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, बुद्धि, शक्ति, वीरता और तेज — ये सब बढ़ते हैं।
📚 शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मित्राय | मित्र को (सूर्य को) |
| नमः | नमस्कार |
| सूर्यनमस्कारः | सूर्य नमस्कार |
| आचार्यः | शिक्षक |
| आचार्या | शिक्षिका |
| योगिता | योग करने वाली |
| शुभम् | कल्याण |
| अस्तु | हो |
| उपविशन्तु | बैठिए |
| शिक्षयितुम् | सिखाने के लिए |
| इच्छन्ति | चाहते हैं |
| द्वादशानाम् | बारह का |
| आसनानाम् | आसनों का |
| समाहारः | समूह |
| प्रत्येकस्मात् | प्रत्येक से |
| मन्त्रः | मंत्र |
| भवति | होता है |
| स्मरामः | हम याद करते हैं |
| अनुवदन्तु | दोहराइए |
| अग्रिमकक्षायाम् | अगली कक्षा में |
| प्रज्ञा | बुद्धि |
| वीर्यम् | वीरता |
| तेजः | चमक |
| आध्यात्मिकम् | आध्यात्मिक |
| स्वस्थम् | स्वस्थ |
| मित्रः | मित्र |
| खगः | पक्षी |
| पूषा | सूर्य |
| रविः | सूर्य |
| भानुः | सूर्य |
| हिरण्यगर्भः | सूर्य |
| मरीचिः | सूर्य |
| सविता | सूर्य |
| अर्कः | सूर्य |
| भास्करः | सूर्य |
| आदित्यः | सूर्य |
| उदयः | उदय |
| अस्तमयः | अस्त |
| प्राणायामः | प्राणायाम |
| आसनम् | आसन |
| योगः | योग |
| स्वास्थ्यम् | स्वास्थ्य |
| रोगः | रोग |
| बलम् | शक्ति |
| आयुः | आयु |
| प्राणाः | प्राण |
| शरीरम् | शरीर |
| मनः | मन |
| बुद्धिः | बुद्धि |
| आत्मा | आत्मा |
📝 पाठ्यपुस्तक अभ्यास प्रश्नोत्तर
1. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु
(क) शुभं भवतु इति कः वदति?
उत्तर: आचार्या
(ख) योगिता आचार्यां किं शिक्षयितुं वदति?
उत्तर: सूर्यनमस्कारम्
(ग) सूर्यनमस्कारः कतीनाम् आसनानां समाहारः अस्ति?
उत्तर: द्वादशानाम्
(घ) केषु सूर्यनमस्कारः श्रेष्ठः?
उत्तर: आसनेषु
(ङ) सूर्यनमस्कारेण जनाः कीदृशं शरीरं प्राप्नुवन्ति?
उत्तर: स्वस्थम्
2. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखन्तु
(क) सर्वे छात्राः आचार्यां किं पृच्छन्ति?
उत्तर: सर्वे छात्राः आचार्यां पृच्छन्ति — “आचार्ये! किम् अद्य भवती अस्मान् योगासनं शिक्षयति?”
(ख) सूर्यनमस्कारः इत्यनेन कः आशयः?
उत्तर: सूर्यनमस्कारः इत्यनेन आशयः अस्ति यत् — सूर्याय नमस्कारः। सूर्यनमस्कारः द्वादशानाम् आसनानां समाहारः अस्ति।
(ग) आचार्या कं श्लोकं पाठयति?
उत्तर: आचार्या इमं श्लोकं पाठयति —
“आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने।
आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते॥”
(घ) सूर्यनमस्कारस्य प्रथमः मन्त्रः कः?
उत्तर: सूर्यनमस्कारस्य प्रथमः मन्त्रः अस्ति — “ॐ मित्राय नमः।”
(ङ) सूर्यनमस्कारेण कीदृशं बलं वर्धते?
उत्तर: सूर्यनमस्कारेण शारीरिकं, मानसिकम्, आध्यात्मिकं च बलं वर्धते।
3. पाठात् समुचितं पदं चित्वा अधः रिक्तस्थानानि पूरयन्तु
(क) प्रत्येकस्मात् आसनात् पूर्वम् एकः मन्त्रः भवति।
(ख) वयं प्रतिदिनं सूर्यनमस्कारं करवाम।
(ग) स्वस्थं शरीरं स्वस्थं मनः च प्राप्नुवाम।
(घ) एकेन श्लोकेन सूर्यनमस्कारस्य बहूनि प्रयोजनानि वदामि।
(ङ) आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने।
4. पाठे विद्यमानानां ‘नमः’ युक्तशब्दानां सङ्ग्रहं कृत्वा लिखन्तु
- मित्राय नमः
- रवये नमः
- सूर्याय नमः
- भानवे नमः
- खगाय नमः
- पूष्णे नमः
- हिरण्यगर्भाय नमः
- मरीचये नमः
- आदित्याय नमः
- सवित्रे नमः
- अर्काय नमः
- भास्कराय नमः
- सवितृसूर्यनारायणाय नमः
5. उदाहरणानुसारं कोष्ठकात् पदानि स्वीकृत्य वाक्यानि रचयन्तु
शब्द: अग्निः, आचार्या, त्रिवर्णध्वजः, जनकः, वृक्षः, देवी, भगिनी, मातामही, जननी, पृथिवी, नदी
(क) अग्नये नमः।
(ख) आचार्यायै नमः।
(ग) त्रिवर्णध्वजाय नमः।
(घ) जनकाय नमः।
(ङ) वृक्षाय नमः।
(च) देव्यै नमः।
(छ) भगिन्यै नमः।
(ज) मातामह्यै नमः।
(झ) जनन्यै नमः।
(ञ) पृथिव्यै नमः।
(ट) नद्यै नमः।
7. उदाहरणानुसारं माता कस्मै/कस्यै धनं ददाति इति लिखन्तु
(क) माता पुत्र्यै धनं ददाति।
(ख) माता पुत्राय धनं ददाति।
(ग) माता पाचिकायै धनं ददाति।
(घ) माता आपणिकाय धनं ददाति।
(ङ) माता याचकाय धनं ददाति।
(च) माता पितामह्यै धनं ददाति।
8. उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयन्तु
यथा — गणेश — गणेशाय — गणेशाभ्याम् — गणेशेभ्यः
(क) भक्त — भक्ताय — भक्ताभ्याम् — भक्तेभ्यः
(ख) सेविका — सेविकायै — सेविकाभ्याम् — सेविकाभ्यः
(ग) अनुजा — अनुजायै — अनुजाभ्याम् — अनुजाभ्यः
(घ) गृहिणी — गृहिण्यै — गृहिणीभ्याम् — गृहिणीभ्यः
(ङ) कुमारी — कुमार्यै — कुमारीभ्याम् — कुमारीभ्यः
(च) वन — वनाय — वनाभ्याम् — वनेभ्यः
(छ) मित्र — मित्राय — मित्राभ्याम् — मित्रेभ्यः
🎯 अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न
सूर्यनमस्कार क्या है?
सूर्यनमस्कार 12 आसनों का समूह है, जो सूर्य को नमस्कार करने के लिए किया जाता है।
सूर्यनमस्कार के कितने आसन हैं?
12 आसन
सूर्यनमस्कार के प्रथम मंत्र क्या हैं?
ॐ मित्राय नमः
सूर्यनमस्कार के अंतिम मंत्र क्या हैं?
ॐ भास्कराय नमः (सर्वान्ते — ॐ सवितृसूर्यनारायणाय नमः)
सूर्यनमस्कार से क्या लाभ होते हैं?
आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज — सब बढ़ते हैं।
‘नमः’ शब्द के योग में कौन सी विभक्ति होती है?
चतुर्थी विभक्ति
‘नमः’ शब्द के योग में चतुर्थी विभक्ति का उदाहरण दीजिए।
मित्राय नमः, भास्कराय नमः
सूर्यनमस्कार कब करना चाहिए?
प्रातःकाल में सूर्योदय के समय
सूर्यनमस्कार के कितने नाम हैं?
सूर्य के 12 नाम हैं — मित्र, रवि, सूर्य, भानु, खग, पूषा, हिरण्यगर्भ, मरीचि, आदित्य, सविता, अर्क, भास्कर
विश्व योग दिवस कब मनाया जाता है?
21 जून
योगसूत्र के रचयिता कौन हैं?
महर्षि पतञ्जलि
हठयोगप्रदीपिका के रचयिता कौन हैं?
स्वात्माराम स्वामी
सूर्यनमस्कार से कौन-कौन से बल बढ़ते हैं?
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक बल
