मॉडल उत्तर सहित प्रश्नपत्र
प्रश्न 1. सही विकल्प पर (✓) चिह्न लगाइए – (12)
(1) मानचित्र में नीला रंग किसे दर्शाता है?
- पर्वत
- समुद्र
- मैदान
- पठार
उत्तर – 2. समुद्र ✓
(2) ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है –
- मृदा
- वायु
- सूर्य
- वृक्ष
उत्तर – 3. सूर्य ✓
(3) सड़क परिवहन का साधन है –
- रेलगाड़ी
- बस
- वायुयान
- पानी जहाज
उत्तर – 2. बस ✓
(4) ‘छत्तीसगढ़ की गंगा’ किस नदी को कहा जाता है –
- इंद्रावती
- पैरी
- शिवनाथ
- महानदी
उत्तर – 4. महानदी ✓
(5) प्रकृति निर्मित वस्तु है –
- कारखाना
- सड़क
- भवन
- खनिज पदार्थ
उत्तर – 4. खनिज पदार्थ ✓
(6) पृथ्वी में महाद्वीपों की संख्या –
- सात
- आठ
- चार
- दस
उत्तर – 1. सात ✓
प्रश्न 7. भारत के पड़ोसी देशों के नाम लिखिए? (4)
उत्तर –
भारत के पड़ोसी देश निम्नलिखित हैं –
स्थल सीमा से लगे देश –
- पाकिस्तान
- अफगानिस्तान
- चीन
- नेपाल
- भूटान
- बांग्लादेश
- म्यांमार
समुद्री सीमा से लगे देश –
- श्रीलंका
- मालदीव
प्रश्न 8. प्राकृतिक आपदा को समझाइए? (4)
उत्तर –
प्राकृतिक आपदा वह अचानक घटित होने वाली घटना है, जो प्रकृति के कारण होती है और जिससे जान-माल, फसल, पर्यावरण, आजीविका तथा आधारभूत संरचना को भारी हानि पहुँचती है।
उदाहरण – बाढ़, भूकंप, चक्रवात, सूखा, भूस्खलन, दावानल, हिमनदीय विस्फोट, ओलावृष्टि आदि।
प्राकृतिक आपदाएँ कभी-कभी मानवीय गतिविधियों जैसे – वनों की कटाई, अनियोजित निर्माण, जलमार्गों पर अतिक्रमण आदि से और भी भयावह हो जाती हैं।
प्रश्न 9. छत्तीसगढ़ के मैनपाट की जलवायु अन्य मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा शीतल क्यों है? (4)
उत्तर –
मैनपाट छत्तीसगढ़ का एक पठारी/पहाड़ी क्षेत्र है, जो समुद्र तल से लगभग 1100 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब और वायु का घनत्व कम हो जाता है, जिससे तापमान घटता है।
इस कारण मैनपाट की जलवायु आस-पास के मैदानी क्षेत्रों की तुलना में शीतल रहती है।
यही कारण है कि गर्मियों में भी मैनपाट का मौसम सुहावना बना रहता है।
प्रश्न 10. आपके क्षेत्र में परिवहन के लिए उपलब्ध साधनों के नाम लिखिए? (4)
उत्तर –
हमारे क्षेत्र में परिवहन के निम्नलिखित साधन उपलब्ध हैं –
- साइकिल
- मोटरसाइकिल
- ऑटो रिक्शा
- बस
- टैक्सी/कार
- ट्रैक्टर
- रेलगाड़ी
- बैलगाड़ी (ग्रामीण क्षेत्रों में)
- नाव (जहाँ नदी/जलाशय उपलब्ध हैं)
प्रश्न 11. साम्राज्य में क्या होता है? (4)
उत्तर –
साम्राज्य अनेक छोटे राज्यों या क्षेत्रों का एक विशाल संघ होता है, जिस पर एक शक्तिशाली शासक या सम्राट का शासन होता है।
इसमें अनेक अधीन राजा या सामंत होते हैं, जो सम्राट की सत्ता स्वीकार करते हैं और उसे भेंट/कर देते हैं।
सम्राट केंद्रीय सत्ता के रूप में सेना, प्रशासन, राजस्व, व्यापार और संचार व्यवस्था को नियंत्रित करता है।
साम्राज्य में विभिन्न भाषाएँ, संस्कृतियाँ और परंपराएँ रहती हैं, जिन्हें सम्राट शासन व्यवस्था के माध्यम से जोड़ता है।
प्रश्न 12. मौसम तथा जलवायु में अंतर लिखिए? (6)
उत्तर –
| मौसम | जलवायु |
|---|---|
| किसी स्थान और समय विशेष की वायुमंडलीय दशाओं को मौसम कहते हैं। | किसी क्षेत्र का दीर्घकालिक मौसमी प्रतिरूप जलवायु कहलाता है। |
| यह अल्पकालिक होता है – कुछ घंटों या दिनों में बदल जाता है। | यह दीर्घकालिक होता है – कम से कम 30 वर्षों के औसत से तय होता है। |
| मौसम के तत्व – तापमान, वर्षा, आर्द्रता, पवन, वायुमंडलीय दाब। | जलवायु इन तत्वों के दीर्घकालिक प्रतिरूप पर आधारित होती है। |
| उदाहरण – आज वर्षा हो रही है, कल धूप निकलेगी। | उदाहरण – राजस्थान की जलवायु शुष्क, केरल की जलवायु आर्द्र। |
प्रश्न 13. बाढ़ क्या है? बाढ़ से होने वाली हानियों को लिखिए। (6)
उत्तर –
बाढ़ – जब नदी, झील या जलाशय का जल सामान्य स्तर से अधिक होकर आस-पास के निचले क्षेत्रों में फैल जाता है, तो उसे बाढ़ कहते हैं।
यह अत्यधिक वर्षा, जल निकासी में अवरोध, बांध टूटना, वनों की कटाई आदि कारणों से आती है।
बाढ़ से होने वाली हानियाँ –
- जान-माल की हानि
- फसलों का नष्ट होना
- घर, सड़क, पुल, रेलमार्ग आदि को क्षति
- पेयजल और स्वच्छता की समस्या
- महामारियों का फैलना
- पशुधन की हानि
- मिट्टी का अपरदन
- लोगों का विस्थापन
- आजीविका और रोजगार पर प्रभाव
प्रश्न 14. प्रमुख ऋतुओं वर्षा, ग्रीष्म तथा शीत का हमारे जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है? (6)
उत्तर –
1. ग्रीष्म ऋतु –
- गर्मी अधिक होती है, लोग हल्के सूती कपड़े पहनते हैं।
- ठंडे पेय, आम, शरबत आदि का प्रचलन बढ़ता है।
- लू चलने से स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है।
- पानी की कमी हो सकती है।
- कृषि कार्य प्रभावित होते हैं।
2. वर्षा ऋतु –
- कृषि के लिए वरदान; धान, मक्का आदि फसलें बोई जाती हैं।
- नदियाँ, तालाब भर जाते हैं।
- हरियाली बढ़ती है।
- बाढ़, कीट, बीमारी की समस्या भी हो सकती है।
- यातायात बाधित होता है।
3. शीत ऋतु –
- ठंडे कपड़े, स्वेटर, शॉल का उपयोग।
- गर्म भोजन और पेय का प्रचलन।
- रबी फसलें जैसे गेहूँ, चना उगाई जाती हैं।
- कोहरा और ठंड से परिवहन तथा स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं।
प्रश्न 15. कल्पना कीजिए कि आप भारत में किसान हैं, बरसात के मौसम के लिए कैसे तैयारी करेंगे? (10)
उत्तर –
यदि मैं भारत में किसान होता, तो बरसात के मौसम के लिए निम्नलिखित तैयारियाँ करता –
- खेत की तैयारी – खेत की जुताई, समतलीकरण और मेड़-बंधाई करता।
- जल निकासी – अतिरिक्त जल निकलने के लिए नालियाँ बनाता।
- बीज चयन – बरसात के अनुकूल उन्नत किस्म के बीजों का चयन करता।
- नर्सरी – धान की नर्सरी तैयार करता।
- खाद एवं उर्वरक – जैविक खाद और आवश्यक उर्वरक का प्रबंध करता।
- कृषि यंत्र – हल, ट्रैक्टर, पंपसेट आदि की मरम्मत कराता।
- मौसम पूर्वानुमान – मौसम विभाग की सूचना देखकर बुवाई का समय तय करता।
- बीमा – फसल बीमा कराता।
- भंडारण – अनाज भंडारण के लिए सुरक्षित गोदाम की व्यवस्था करता।
- पशुधन – पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय और चारे का प्रबंध करता।
प्रश्न 16. खाद्य संरक्षण के प्रमुख उपायों को समझाइए? (10)
उत्तर –
खाद्य संरक्षण का अर्थ है – भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी बनाए रखना। इसके प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं –
- सुखाना – अनाज, सब्जियाँ, मसाले आदि को धूप में सुखाकर नमी हटाई जाती है।
- नमक एवं चीनी का प्रयोग – अचार, मुरब्बा, जैम आदि बनाए जाते हैं।
- तेल का प्रयोग – अचार में तेल डालकर हवा और कीटाणुओं को रोका जाता है।
- शीतल भंडारण – फल, सब्जियाँ, दूध आदि को फ्रिज/शीतागार में रखा जाता है।
- डिब्बाबंदी – खाद्य पदार्थों को वायुरोधी डिब्बों में बंद किया जाता है।
- पाश्चराइजेशन – दूध को गर्म करके ठंडा किया जाता है।
- धूम्रपान – मछली, मांस आदि को धुएँ में सुखाया जाता है।
- रासायनिक परिरक्षक – सीमित मात्रा में सुरक्षित रसायनों का उपयोग।
- विकिरण – खाद्य पदार्थों को विकिरण द्वारा कीटाणुरहित किया जाता है।
- स्वच्छ भंडारण – अनाज को सूखे, हवादार और साफ गोदामों में रखा जाता है।
प्रश्न 17. जल चक्र का सचित्र वर्णन कीजिए? (10)
उत्तर –
जल चक्र वह प्रक्रिया है, जिसमें जल पृथ्वी से वायुमंडल में और वायुमंडल से पुनः पृथ्वी पर लौटता रहता है। इसे निम्न चरणों में समझा जा सकता है –
- वाष्पीकरण – सूर्य की गर्मी से महासागर, नदी, झील और तालाब का जल वाष्प बनकर हवा में मिल जाता है।
- वाष्पोत्सर्जन – पौधे भी अपने पत्तों से जलवाष्प छोड़ते हैं।
- संघनन – ऊपर जाकर जलवाष्प ठंडी होकर छोटी-छोटी बूँदों में बदल जाती है और बादल बनते हैं।
- वर्षण – बादल भारी होकर वर्षा, हिम, ओले या सहिमवृष्टि के रूप में पृथ्वी पर गिरते हैं।
- संग्रह – यह जल नदियों, झीलों, भूमिगत जल और महासागरों में पहुँचता है।
- पुनः वाष्पीकरण – यही जल फिर सूर्य की गर्मी से वाष्प बनकर ऊपर जाता है।
चित्र बनाने के लिए –
सूर्य, महासागर, बादल, वर्षा, नदी, पेड़, भूमिगत जल और वाष्पीकरण दर्शाते तीर बनाइए।
चित्र में निम्न शब्द लिखिए – वाष्पीकरण, संघनन, वर्षण, संग्रह, वाष्पोत्सर्जन।
