प्रोजेक्ट कार्य का उद्देश्य
- भाषा कौशल — पठन, लेखन, श्रवण, भाषण — का विकास।
- रचनात्मकता, शोध, समूह-कार्य एवं प्रस्तुतीकरण क्षमता को बढ़ावा।
- पाठों के गहन अर्थ, सांस्कृतिक संदर्भ और जीवन-मूल्यों से जुड़ाव।
- आकलन का सतत एवं व्यापक स्वरूप।
सामान्य निर्देश
- प्रत्येक प्रोजेक्ट व्यक्तिगत या समूह (4–6 विद्यार्थी) में हो सकता है।
- कार्य हस्तलिखित हो; चार्ट, मॉडल, चित्र, ऑडियो-वीडियो की सहायता ली जा सकती है।
- स्रोत — पाठ्यपुस्तक, पुस्तकालय, इंटरनेट, परिवार एवं समुदाय।
- प्रस्तुतीकरण के समय 5–7 मिनट का समय; प्रश्नोत्तर अनिवार्य।
- मूल्यांकन — विषय-वस्तु (40%), रचनात्मकता (20%), प्रस्तुतीकरण (20%), शोध/स्रोत (10%), समय-पालन (10%)।
1. त्रैमासिक आकलन (सितम्बर) — पाठ 1–4
पाठ:
- माँ, कह एक कहानी
- तीन बुद्धिमान
- वर्षा-बहार
- पानी रे पानी
प्रोजेक्ट 1: संवाद नाट्य — ‘माँ, कह एक कहानी’
- कविता के माँ-बेटे के संवाद को नाट्य रूप में प्रस्तुत करें।
- पात्र: माँ (यशोधरा), राहुल, सखा, न्यायाधीश।
- संवाद लेखन, वेशभूषा, मंच-सज्जा।
- उद्देश्य: संवाद-शैली, करुणा एवं न्याय का बोध।
प्रोजेक्ट 2: लोककथा संकलन — ‘तीन बुद्धिमान’
- अपने क्षेत्र की 3–5 लोककथाएँ एकत्र करें।
- प्रत्येक कथा से नैतिक शिक्षा लिखें।
- ‘पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि’ पर एक लेख तैयार करें।
- उद्देश्य: लोक-साहित्य और नैतिक मूल्यों की समझ।
प्रोजेक्ट 3: ऋतु-चित्रण — ‘वर्षा-बहार’
- वर्षा ऋतु पर 5 कविताओं/गीतों का संकलन।
- स्वरचित कविता या चित्र बनाएँ।
- मौसम के जीव-जंतुओं पर लघु रिपोर्ट।
- उद्देश्य: प्रकृति-प्रेम, कलात्मक अभिव्यक्ति।
प्रोजेक्ट 4: जल-संरक्षण मॉडल — ‘पानी रे पानी’
- जल-चक्र का मॉडल या चार्ट बनाएँ।
- घर/विद्यालय में जल-उपयोग का सर्वेक्षण।
- ‘जल बचाओ’ पर पोस्टर एवं नारे।
- उद्देश्य: पर्यावरण-चेतना, वैज्ञानिक दृष्टि।
2. अर्धवार्षिक आकलन (दिसम्बर) — पाठ 5–7
पाठ:
- नहीं होना बीमार
- गिरिधर कविराय की कुंडलिया
- फूल और काँटा
प्रोजेक्ट 5: स्वास्थ्य नाटिका — ‘नहीं होना बीमार’
- बीमारी का नाटक, अस्पताल का वातावरण, नानी-नानाजी के संवाद।
- ‘स्वस्थ रहने के उपाय’ पर पोस्टर।
- उद्देश्य: स्वास्थ्य-जागरूकता, हास्य-बोध।
प्रोजेक्ट 6: नीति-दोहा संकलन — ‘गिरिधर कविराय की कुंडलिया’
- कुंडलियों का अर्थ सहित संकलन।
- स्वरचित कुंडलिया/दोहा लेखन।
- ‘बिना विचारे जो करै’ पर निबंध।
- उद्देश्य: नीतिपरक साहित्य, भाषा-सौंदर्य।
प्रोजेक्ट 7: प्रतीक-चार्ट — ‘फूल और काँटा’
- फूल और काँटे के प्रतीकों का चार्ट।
- ‘जीवन में फूल और काँटे दोनों आवश्यक’ पर वाद-विवाद।
- उद्देश्य: प्रतीकात्मक चिंतन, तार्किक क्षमता।
3. वार्षिक आकलन (मार्च) — पाठ 8–10 + पुनरावलोकन
पाठ:
- बिरजू महाराज से साक्षात्कार
- चिड़िया
- मीरा के पद
प्रोजेक्ट 8: कलाकार साक्षात्कार — ‘बिरजू महाराज से साक्षात्कार’
- स्थानीय कलाकार/नृत्य शिक्षक का साक्षात्कार।
- प्रश्नावली, रिकॉर्डिंग, रिपोर्ट लेखन।
- कथक/लोकनृत्य पर लघु प्रस्तुति।
- उद्देश्य: संवाद-कौशल, कला-सम्मान।
प्रोजेक्ट 9: पक्षी-संरक्षण अभियान — ‘चिड़िया’
- स्थानीय पक्षियों की सूची एवं चित्र।
- घोंसला, दाना-पानी की व्यवस्था।
- ‘पक्षी बचाओ’ पोस्टर/नुक्कड़ नाटक।
- उद्देश्य: पर्यावरण-प्रेम, स्वतंत्रता का महत्व।
प्रोजेक्ट 10: भक्ति-संगीत — ‘मीरा के पद’
- मीरा के भजनों का संकलन एवं गायन।
- मीरा की जीवनी पर चार्ट।
- ‘भक्ति और प्रेम’ पर निबंध।
- उद्देश्य: सांस्कृतिक चेतना, भाव-अभिव्यक्ति।
प्रोजेक्ट 11: साहित्यिक पत्रिका — समग्र पुस्तक ‘मल्हार’
- सभी पाठों पर आधारित कहानी, कविता, चित्र, पहेली।
- समूह में संपादन एवं प्रकाशन।
- उद्देश्य: सृजनात्मक लेखन, संपादन कौशल।
मूल्यांकन मानदंड (प्रत्येक प्रोजेक्ट हेतु)
| क्षेत्र | अंक |
|---|---|
| विषय-वस्तु की गहराई | 10 |
| रचनात्मकता एवं मौलिकता | 05 |
| प्रस्तुतीकरण एवं भाषा | 05 |
| शोध/स्रोत | 03 |
| समय-पालन एवं अनुशासन | 02 |
| कुल | 25 |
सुझाव
- शिक्षक प्रत्येक सत्र में एक प्रोजेक्ट अनिवार्य करें; शेष विद्यार्थी की रुचि अनुसार।
- प्रोजेक्ट फाइल में — विषय, उद्देश्य, सामग्री, विधि, परिणाम, निष्कर्ष, संदर्भ।
- डिजिटल प्रस्तुति (PPT, वीडियो) को प्रोत्साहन।
- दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु उपयुक्त अनुकूलन।
