स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो – कक्षा 3 EVS Unit 3: प्रकृति के उपहार (Swasth Raho, Prasann Raho Class 3 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय बच्चों को स्वच्छता, अच्छी आदतें, व्यायाम, खेल, सुरक्षा और प्रसन्न जीवन के महत्व से परिचित कराता है। पाठ में दैनिक दिनचर्या (स्नान, दाँत साफ करना, हाथ धोना, नाखून काटना, 8 घंटे की नींद, खेलना), पारंपरिक दाँत साफ करने के तरीके (नीम/बबूल की दातून), घर की सफाई (संतरे/नींबू के छिलकों से प्राकृतिक क्लीनर), व्यायाम (दौड़ना, कूदना, बत्तख की तरह चलना, मेंढक की तरह फुदकना, रस्सी कूदना), खेल (पकड़म-पकड़ाई, शतरंज), सुरक्षित खेलना (अनजान लोगों से सावधानी) और दैनिक दिनचर्या की योजना (24 घंटे का गोला) के बारे में बताया गया है। यह अध्याय बच्चों में स्वस्थ आदतें, स्वच्छता, शारीरिक गतिविधि और सुरक्षा जागरूकता विकसित करता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- स्वस्थ रहने के लिए अच्छी आदतों (दाँत साफ करना, हाथ धोना, स्नान, नाखून काटना) का महत्व समझ पाएँगे
- दैनिक दिनचर्या (नींद, व्यायाम, भोजन) को समझ पाएँगे
- पारंपरिक दाँत साफ करने के तरीकों (दातून) के बारे में जान पाएँगे
- प्राकृतिक सफाई (संतरे/नींबू के छिलकों से क्लीनर) बना पाएँगे
- व्यायाम (दौड़ना, कूदना, रस्सी कूदना, योगासन) के स्वास्थ्य लाभों को समझ पाएँगे
- विभिन्न खेलों (शतरंज, पकड़म-पकड़ाई, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो) को पहचान पाएँगे
- सुरक्षित खेलने के नियमों (अनजान लोगों से सावधानी) को समझ पाएँगे
- 24 घंटे का गोला (दिनचर्या योजना) बना पाएँगे
- साप्ताहिक स्वास्थ्य तालिका बना पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय, स्वच्छता एवं अच्छी आदतें
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “स्वस्थ रहने के लिए आप सुबह क्या-क्या करते हैं?”
- प्रश्न: “क्या आप रोज़ नहाते हैं? दाँत साफ करते हैं? हाथ धोते हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपको पता है कि पुराने ज़माने में लोग अपने दाँत कैसे साफ करते थे?”
- प्रश्न: “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है” – इसका क्या मतलब है?
- पृष्ठ 127-128 के चित्र दिखाएँ – नहाता बच्चा, दाँत साफ करना, हाथ धोना, बालों में कंघी।
- परिचय: “आज हम ‘स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें हम सीखेंगे कि स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए।”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन – स्वच्छता एवं अच्छी आदतें (पृष्ठ 127-128):
- शिक्षक पाठ को जीवंत, प्रेरणादायक स्वर में पढ़कर सुनाएँ।
- विद्यार्थी बारी-बारी से पैराग्राफ पढ़ें।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- स्वच्छ – साफ (Clean)
- स्वस्थ – बीमारी से मुक्त, तंदुरुस्त (Healthy)
- प्रसन्न – खुश (Happy)
- दिनचर्या – रोज़ के काम (Routine)
- नाखून – उँगलियों के सिरे (Nails)
- ‘लिखिए’ (पृष्ठ 128):
- विद्यार्थी सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक के कार्य लिखें:
- स्नान करना
- दाँत साफ करना
- हाथ धोना (साबुन से)
- बालों में कंघी करना
- 6-8 गिलास पानी पीना
- भोजन करना
- कम से कम 8 घंटे सोना
- बाहर खेलना
- विद्यार्थी सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक के कार्य लिखें:
- चर्चा (पृष्ठ 128):
- (क) “क्या आप दिन में दो बार दाँत साफ करते हैं?” (सुबह और रात)
- (ख) “क्या आप भोजन के बाद कुल्ला करते हैं?”
- (ग) “क्या आप शौचालय के बाद और बाहर से आकर हाथ धोते हैं?”
- (घ) “यदि इनमें से किसी प्रश्न का उत्तर ‘ना’ है, तो आप इसे अपनी आदतों में कैसे शामिल कर सकते हैं?”
- पारंपरिक दाँत साफ करना (पृष्ठ 129-130):
- मोयना और उसके दादाजी की कहानी:
- दादाजी नीम या बबूल की दातून का इस्तेमाल करते हैं
- दातून को चबाकर ब्रश जैसा बना लिया जाता है
- इससे दाँत और मसूड़े दोनों साफ होते हैं
- मोयना को बबूल की दातून का स्वाद ठीक लगा
- ‘क्या आप जानते हैं?’ (पृष्ठ 130):
- नीम, बबूल, करंज – पारंपरिक दातून के पेड़
- टूथ ब्रश – इसी पुराने तरीके से विकसित हुआ
- मोयना और उसके दादाजी की कहानी:
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “नीम या बबूल की दातून से दाँत साफ करना क्यों अच्छा है?” (प्राकृतिक, मसूड़ों की मालिश, कीटाणु-रोधक)
- गृहकार्य: “अपने दादा-दादी/नाना-नानी से पूछें कि जब वे छोटे थे, तो दाँत कैसे साफ करते थे?”
दिन 2 – प्राकृतिक सफाई, पशु-पक्षियों की स्वच्छता
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “अच्छी आदतों के नाम बताएँ।”
- प्रश्न: “क्या आप घर की सफाई में मदद करते हैं? क्या आपने कभी प्राकृतिक क्लीनर बनाया है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- गतिविधि 1 – प्राकृतिक क्लीनर (पृष्ठ 130-131):
- सामग्री:
- 8-12 संतरे या नींबू के छिलके (आधा लीटर डिब्बे में भरने लायक)
- 10 साबुत लौंग या 2-3 तेज पत्ते (इच्छानुसार)
- 2 प्याले सफेद सिरका
- विधि:
- सबको आधा लीटर के पारदर्शी डिब्बे में डालें
- ढक्कन बंद करें
- 2 सप्ताह तक धूप वाली जगह रखें, बीच-बीच में हिलाएँ
- 2 सप्ताह बाद छान लें – क्लीनर तैयार!
- उपयोग: फर्श और स्नानघर की सफाई – पानी की बाल्टी में 1 प्याला मिलाएँ
- ध्यान दें: यह पर्यावरण-अनुकूल क्लीनर है
- सामग्री:
- चर्चा – पशु-पक्षियों की स्वच्छता (पृष्ठ 131):
- बंदर – एक-दूसरे को साफ करते हैं (बालों से कीड़े निकालना)
- पक्षी – अपनी चोंच से पंखों को साफ करते हैं
- चर्चा: “अपने आस-पास के परिवेश में देखें – पशु-पक्षी और कीट अपने शरीर की सफाई किस-किस तरह से करते हैं?”
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 131-132):
- (क) “आप अपने परिवार की सफाई में कैसे मदद करते हैं?”
- (ख) “क्या आपको पता है कि बंदर एक-दूसरे को साफ करते हैं?”
- (ग) “पक्षी अपने पंख कैसे साफ करते हैं?” (चोंच से)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “संतरे/नींबू के छिलकों से बने क्लीनर का क्या लाभ है?” (प्राकृतिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल)
- गृहकार्य: “घर पर संतरे/नींबू के छिलकों से क्लीनर बनाने की प्रक्रिया शुरू करें (बड़ों की सहायता से)।”
दिन 3 – व्यायाम, खेल एवं शारीरिक गतिविधियाँ
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “प्राकृतिक क्लीनर कैसे बनता है?”
- प्रश्न: “आप कौन-कौन से खेल खेलते हैं? क्या आप व्यायाम करते हैं?”
- प्रश्न: “दौड़ने-कूदने के बाद आपको कैसा लगता है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- व्यायाम और खेल (पृष्ठ 131-134):
- पकड़म-पकड़ाई – तेज़ दौड़ना, तेज़-तेज़ साँस लेना, पसीना आना
- व्यायाम के लाभ: हृदय अधिक कार्य करता है, शरीर चुस्त-फुर्तीला बनता है
- गतिविधि – फुदको, उछलो, कूदो! (पृष्ठ 132):
- बत्तख की तरह चलो
- मेंढक की तरह फुदको
- बिल्ली की तरह दौड़ो
- चर्चा: “किसकी तरह चलने में आपको सबसे अधिक आनंद आया?”
- रस्सी कूदना (पृष्ठ 132):
- विद्यार्थी रस्सी कूदें और गिनती करें – कौन सबसे अधिक बार कूदा?
- गिनती के बजाय कविता गाएँ:
- “मुझे पसंद है रोटी। मुझे पसंद है घी। मैं चाहता/चाहती हूँ कि ________ (मित्र का नाम) मेरे संग कूदे!”
- गतिविधि – खेल का नाम बताइए! (पृष्ठ 133):
- विद्यार्थी चित्रों में दिखाए गए खेलों को पहचानें:
- क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, शतरंज, कैरम, लूडो, रस्साकशी, पिट्टू, छुपन-छुपाई
- चर्चा: “आपको घर के बाहर खेले जाने वाले कौन-कौन से खेल पसंद हैं?”
- विद्यार्थी चित्रों में दिखाए गए खेलों को पहचानें:
- वर्ग पहेली (पृष्ठ 134):
- विद्यार्थी खेलों के नाम ढूँढ़ें – फुटबॉल, पिट्टू, बॉलीबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, छुपन-छुपाई, टेनिस, शतरंज, लूडो
- हरप्रीत की दादी (पृष्ठ 133):
- दादी के घुटनों में दर्द – फिर भी वे चलती-फिरती हैं
- वे शतरंज खेलना पसंद करती हैं
- संदेश: “शरीर और मस्तिष्क दोनों का कार्य करते रहना बहुत ज़रूरी है”
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “व्यायाम करने से हमें क्या लाभ होते हैं?” (शरीर चुस्त, स्वस्थ, ऊर्जावान)
- गृहकार्य: “आज आपने कौन-से व्यायाम/खेल किए? उनके नाम लिखें।”
दिन 4 – सुरक्षित खेलना, साप्ताहिक स्वास्थ्य तालिका एवं 24 घंटे का गोला
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “व्यायाम के क्या लाभ हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपको पता है कि सुरक्षित खेलना क्यों ज़रूरी है?”
- प्रश्न: “आप अपने 24 घंटे कैसे बिताते हैं? सोने, पढ़ने, खेलने में कितना समय लगता है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- सुरक्षित रहकर खेलना (पृष्ठ 135-136):
- सुरक्षित स्थान: पार्क, मैदान, विद्यालय का खेल मैदान, घर का आँगन
- असुरक्षित स्थान: सड़क के किनारे, निर्माण स्थल, नालियों के पास, ट्रेन की पटरियों पर
- चर्चा: “चित्रों में कौन-से स्थान खेलने के लिए सुरक्षित हैं? क्यों या क्यों नहीं?”
- अनजान लोगों से सावधानी (पृष्ठ 136):
- सार्वजनिक स्थानों पर अनजान लोग हो सकते हैं
- तभी बात करें जब माता-पिता या कोई बड़ा व्यक्ति साथ हो
- पासवर्ड का उपयोग करें – माता-पिता द्वारा भेजे गए नए व्यक्ति को पहचानने के लिए
- साप्ताहिक स्वास्थ्य तालिका (पृष्ठ 137):
- विद्यार्थी सप्ताह-भर की अपनी गतिविधियों की तालिका बनाएँ:दिनदाँत (दो बार)शौचालय (सुबह)स्नाननींद (घंटे)नाश्ताटीवी/फोनबाहर खेलकैसा लगा?सोमवार……………………
- चर्चा: “जब हमें नींद आती है, भूख लगती है, या थकान होती है – तो यह संकेत है कि शरीर को कुछ चाहिए।”
- गतिविधि – 24 घंटे का गोला (पृष्ठ 138):
- विद्यार्थी एक बड़ा गोला (वृत्त) बनाएँ और 24 बराबर हिस्सों में बाँटें।
- विद्यार्थी अपने 24 घंटों को रंगों से भरें:
- सोना – 8 घंटे (नीला)
- भोजन – 2 घंटे (हरा)
- पढ़ाई – 6 घंटे (लाल)
- खेलना – 2 घंटे (पीला)
- घर के काम – 2 घंटे (नारंगी)
- टीवी/फोन – 1 घंटा (बैंगनी)
- स्नान/शौचालय – 1 घंटा (गुलाबी)
- अन्य – 2 घंटे (सफेद)
- (ग) चर्चा: “किसी ऐसी गतिविधि के बारे में सोचिए जो शरीर की ताकत और ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक हो – इसे सप्ताह में कम से कम दो बार करें।”
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के 24 घंटे के गोले की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: “सप्ताह-भर अपनी स्वास्थ्य तालिका भरें और अगले सप्ताह कक्षा में साझा करें।”
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 24 घंटे के गोलों का प्रदर्शन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- स्वस्थ रहने के लिए क्या-क्या करना चाहिए?
- दिन में कितनी बार दाँत साफ करने चाहिए? (दो बार)
- किस पेड़ की टहनी से दातून बनाई जाती है? (नीम, बबूल, करंज)
- संतरे/नींबू के छिलकों से क्या बनाया जा सकता है? (प्राकृतिक क्लीनर)
- रस्सी कूदने के क्या लाभ हैं?
- शतरंज खेलने से क्या लाभ होता है? (मस्तिष्क की कसरत)
- हमें अनजान लोगों से कैसे सावधान रहना चाहिए?
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो’ पाठ से आपने क्या सीखा? (कोई दो बातें)
- (ख) अच्छी आदतों के पाँच नाम लिखिए।
- (ग) नीम/बबूल की दातून से दाँत साफ करने के दो लाभ लिखिए।
- (घ) रस्सी कूदने, बत्तख की तरह चलने, मेंढक की तरह फुदकने का क्या लाभ है?
- (ङ) सुरक्षित खेलने के दो नियम लिखिए।
- समूह चर्चा:
- “क्या आपको लगता है कि शरीर और मस्तिष्क दोनों का व्यायाम करना ज़रूरी है?” (हाँ – दौड़ना/खेलना + शतरंज/पहेलियाँ)
- “हम अपने घर और विद्यालय को साफ कैसे रख सकते हैं?” (कूड़ा न फैलाना, नियमित सफाई, हाथ धोना)
- गतिविधि – नारा:
- विद्यार्थी स्वस्थ रहने पर एक नारा बनाएँ:
- “स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो – यही जीवन का सही रास्ता!”
- “सुबह जल्दी उठो, व्यायाम करो, दाँत साफ करो, स्वस्थ रहो!”
- “स्वच्छ रहो, सुरक्षित रहो, प्रसन्न रहो!”
- विद्यार्थी स्वस्थ रहने पर एक नारा बनाएँ:
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो’ पाठ ने हमें सिखाया कि स्वस्थ रहने के लिए हमें अच्छी आदतें अपनानी चाहिए – दाँत साफ करना, हाथ धोना, स्नान करना, नाखून काटना, 8 घंटे सोना, नियमित व्यायाम करना। पारंपरिक दातून (नीम, बबूल) दाँतों और मसूड़ों के लिए अच्छा है। प्राकृतिक क्लीनर (संतरे/नींबू के छिलकों से) पर्यावरण-अनुकूल है। व्यायाम और खेल हमें चुस्त, फुर्तीला, ऊर्जावान बनाते हैं। शतरंज जैसे खेल मस्तिष्क की कसरत करते हैं। हमें सुरक्षित स्थानों पर खेलना चाहिए और अनजान लोगों से सावधान रहना चाहिए। “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है!” – हमें अपने शरीर, मन और पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए।”
- अगले पाठ (Unit 4) ‘वस्तुओं की दुनिया’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि हमारे आस-पास की वस्तुएँ किन-किन चीज़ों से बनी हैं – लकड़ी, धातु, काँच, प्लास्टिक, आदि।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- स्वच्छता और अच्छी आदतों के चित्र/पोस्टर
- दातून (नीम/बबूल की टहनी) – यदि उपलब्ध हो
- संतरे/नींबू के छिलके, सिरका, लौंग, पारदर्शी डिब्बा (प्राकृतिक क्लीनर के लिए)
- रस्सी (रस्सी कूदने के लिए)
- खेलों के चित्र/पोस्टर (क्रिकेट, फुटबॉल, शतरंज, कबड्डी, आदि)
- वर्ग पहेली (खेलों के नाम)
- रंग, कागज़, पेंसिल (24 घंटे का गोला बनाने के लिए)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | स्वच्छता और अच्छी आदतों (दाँत, हाथ, स्नान, नाखून) की समझ | मौखिक/लिखित |
| 2 | पारंपरिक दातून (नीम/बबूल) के उपयोग की समझ | मौखिक/लिखित |
| 3 | प्राकृतिक क्लीनर बनाने की विधि की समझ | गतिविधि/मौखिक |
| 4 | व्यायाम, खेल और शारीरिक गतिविधियों के लाभों की समझ | मौखिक/लिखित |
| 5 | सुरक्षित खेलने के नियमों (स्थान, अनजान लोग) की समझ | मौखिक/लिखित |
| 6 | 24 घंटे के गोले (दिनचर्या योजना) बनाने का कौशल | कला/गतिविधि |
| 7 | साप्ताहिक स्वास्थ्य तालिका बनाने का कौशल | लिखित/गतिविधि |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘स्वच्छ’, ‘दातून’, ‘नीम’, ‘बबूल’, ‘व्यायाम’, ‘खेल’, ‘सुरक्षा’ को क्या कहते हैं। दातून – बच्चों को भारतीय परंपरा से जोड़ें – दातून का उपयोग सदियों से किया जाता रहा है। प्राकृतिक क्लीनर – बच्चों को पर्यावरण-अनुकूल जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करें – रासायनिक क्लीनर की बजाय प्राकृतिक क्लीनर का उपयोग करें। व्यायाम – बच्चों को नियमित शारीरिक गतिविधि की आदत डालने के लिए प्रोत्साहित करें – दौड़ना, कूदना, रस्सी कूदना, योगासन। खेल – बच्चों को टीम वर्क, अनुशासन, मस्तिष्क-व्यायाम का अनुभव दें – शतरंज, क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी – सबके अपने लाभ हैं। 24 घंटे का गोला – बच्चों को समय प्रबंधन (time management) का अनुभव दें – वे सोचेंगे कि वे अपना समय कैसे बिताते हैं और कैसे बेहतर बना सकते हैं। सुरक्षा – बच्चों को अनजान लोगों से सावधान रहना सिखाएँ – “नहीं” कहना, बड़ों को बताना, पासवर्ड का उपयोग करना। “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है!” – इस सूक्ति को बार-बार दोहराएँ। पशु-पक्षियों की स्वच्छता – बच्चों को बताएँ कि जानवर भी अपनी सफाई करते हैं – बंदर एक-दूसरे को साफ करते हैं, पक्षी पंख साफ करते हैं। साप्ताहिक स्वास्थ्य तालिका – बच्चों को आत्म-जागरूकता (self-awareness) विकसित करने में सहायक होगी – वे अपनी आदतों पर नज़र रख सकेंगे।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
