कुछ खोज पेड़-पौधों की – कक्षा 3 EVS Unit 2: जीवन आस-पास (Kuch Khoj Ped-Paudhon Ki Class 3 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय बच्चों को पेड़-पौधों की विविधता से परिचित कराता है। गोपू, सिम्मी और राज की खोज के माध्यम से बच्चे विभिन्न प्रकार के पौधों – पेड़ (बड़े तने वाले), झाड़ियाँ (मध्यम आकार, कई तने), शाक (नरम तने वाले), घास (पतली, चपटी पत्तियाँ), लताएँ (सहारा लेकर चढ़ने वाली), बेलें (धरती पर फैलने वाली) – के बारे में जानते हैं। पाठ में पौधों के भाग (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज), पत्तियों की विशेषताएँ (रंग, आकार, गंध), छाल का छापा लेने की गतिविधि, और पौधे से मित्रता (अवलोकन डायरी) जैसी रोचक गतिविधियाँ शामिल हैं। यह अध्याय बच्चों में प्रकृति-प्रेम, अवलोकन क्षमता और वैज्ञानिक सोच विकसित करता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- विभिन्न प्रकार के पौधों (पेड़, झाड़ी, शाक, घास, बेल, लता) को पहचान पाएँगे
- पौधों के भागों (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज) की पहचान कर पाएँगे
- पत्तियों की विशेषताएँ (रंग, आकार, गंध, बनावट) बता पाएँगे
- छाल का छापा (bark rubbing) ले पाएँगे
- पौधे की अवलोकन डायरी बना पाएँगे
- अपने आस-पास के पौधों के नाम और प्रकार बता पाएँगे
- रागी, बाजरा, ज्वार जैसे अनाजों को ‘घास’ के रूप में पहचान पाएँगे
- प्राकृतिक सामग्री (पत्ते, फूल) से रंगोली बना पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय, पेड़ एवं झाड़ियाँ
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपने अपने आस-पास कौन-कौन से पेड़-पौधे देखे हैं? उनके नाम बताएँ।”
- प्रश्न: “क्या आपको पता है कि पेड़ और झाड़ी में क्या अंतर है?”
- प्रश्न: “क्या सभी पौधे एक जैसे होते हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपने कभी किसी पौधे को बड़े होते देखा है?”
- पृष्ठ 65-67 के चित्र दिखाएँ – पेड़, झाड़ियाँ, गोपू, सिम्मी, राज।
- परिचय: “आज हम ‘कुछ खोज पेड़-पौधों की’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें हम अपने आस-पास के विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों के बारे में जानेंगे।”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन – पेड़ और झाड़ियाँ (पृष्ठ 65-67):
- शिक्षक पाठ को जिज्ञासा और उत्साह के भाव के साथ पढ़कर सुनाएँ।
- विद्यार्थी बारी-बारी से पैराग्राफ पढ़ें।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- पेड़ – बड़ा तना, शाखाएँ, जड़ें (जैसे – आम, नीम, बरगद)
- झाड़ी – मध्यम आकार, कई तने (जैसे – गुलाब, गुड़हल, तुलसी, मीठा नीम)
- तना – पौधे का मुख्य भाग
- जड़ें – पेड़ के नीचे ज़मीन में
- शाखाएँ – तने से निकली डालियाँ
- गतिविधि – ‘लिखिए’ (पृष्ठ 67):
- विद्यार्थी कुछ पेड़ों के नाम लिखें जिन्हें वे पहचानते हैं:
- आम, नीम, पीपल, बरगद, साल, शीशम, गुलमोहर
- “इनमें से कौन-से पेड़ आपने अपने घर/स्कूल के आस-पास देखे हैं?”
- विद्यार्थी कुछ पेड़ों के नाम लिखें जिन्हें वे पहचानते हैं:
- ‘क्या आप जानते हैं?’ (पृष्ठ 68):
- दालें (अरहर, मसूर, मूँग, उड़द) – झाड़ियों के बीज हैं।
- गतिविधि (पृष्ठ 68):
- विद्यार्थी कुछ झाड़ियों के नाम लिखें:
- तुलसी, गुलाब, गुड़हल, मीठा नीम, कड़ी पत्ता, लेमन ग्रास
- “क्या आप जानते हैं कि आपकी बोल-चाल की भाषा में इन्हें क्या कहते हैं?” – स्थानीय भाषा में नाम बताएँ।
- विद्यार्थी कुछ झाड़ियों के नाम लिखें:
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “पेड़ और झाड़ी में क्या अंतर है?” (पेड़ – एक बड़ा तना; झाड़ी – कई तने)
- गृहकार्य: “अपने घर/स्कूल के आस-पास पाँच पेड़ों और पाँच झाड़ियों के नाम लिखें।”
दिन 2 – शाक, घास, लताएँ एवं बेलें
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “पेड़ और झाड़ी में क्या अंतर है?”
- प्रश्न: “क्या आपको पता है कि शाक (जड़ी-बूटी) क्या होता है?”
- प्रश्न: “क्या आपने कभी लता या बेल देखी है? वे कैसी दिखती हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन – शाक, घास, लताएँ, बेलें (पृष्ठ 68-71):
- शिक्षक पाठ पढ़ें।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- शाक (जड़ी-बूटी) – नरम, हरे तने (जैसे – पुदीना, तुलसी, हल्दी, टमाटर)
- घास – पतले, चपटे पत्ते, खोखले तने (जैसे – धान, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, रागी, गन्ना, बाँस)
- लता – पतली, लचीली, सहारा लेकर चढ़ती है (जैसे – मनी प्लांट)
- बेल – धरती पर फैलती है (जैसे – कद्दू, तरबूज, खरबूज)
- ‘क्या आप जानते हैं?’ (पृष्ठ 70):
- चावल, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, रागी – बड़ी-बड़ी घास के बीज हैं।
- गन्ना और बाँस – भी घास हैं।
- गतिविधि (पृष्ठ 70-71):
- विद्यार्थी कुछ शाकों (जड़ी-बूटियों) के नाम लिखें:
- पुदीना, तुलसी, धनिया, हल्दी, अदरक, टमाटर, मिर्च, बैंगन
- विद्यार्थी कुछ लताओं/बेलों के नाम लिखें:
- लताएँ – मनी प्लांट, मटर, आइवी
- बेलें – कद्दू, तरबूज, खरबूज, लौकी, तोरई
- विद्यार्थी कुछ शाकों (जड़ी-बूटियों) के नाम लिखें:
- गतिविधि (पृष्ठ 71):
- विद्यार्थी नीचे दिए गए पौधों के नाम अपनी भाषा में बताएँ और बताएँ कि ये पेड़, झाड़ी, लता या बेल में से क्या हैं:
- गेंदा – झाड़ी
- नीम – पेड़
- बेर (जुजूबे) – पेड़
- विद्यार्थी नीचे दिए गए पौधों के नाम अपनी भाषा में बताएँ और बताएँ कि ये पेड़, झाड़ी, लता या बेल में से क्या हैं:
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “शाक (जड़ी-बूटी) और घास में क्या अंतर है?” (शाक – नरम तना, विभिन्न पत्तियाँ; घास – पतली, चपटी पत्तियाँ, खोखला तना)
- गृहकार्य: “अपने आस-पास से एक लता और एक बेल की पहचान करें और उनके नाम लिखें।”
दिन 3 – पौधे के भाग, अवलोकन डायरी एवं पत्तियाँ
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “शाक, घास, लता, बेल में क्या अंतर है?”
- प्रश्न: “पौधे के कौन-कौन से भाग होते हैं?” (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पौधे के भाग (पृष्ठ 76):
- विद्यार्थी टमाटर के पौधे के चित्र में भागों के नाम लिखें:
- जड़ (Root) – नीचे, मिट्टी में
- तना (Stem) – मुख्य भाग
- शाखा (Branch) – तने से निकली
- पत्ती (Leaf) – हरी, सपाट
- फूल (Flower) – छोटे पीले फूल
- फल (Fruit) – टमाटर
- बीज (Seed) – टमाटर के अंदर
- विद्यार्थी टमाटर के पौधे के चित्र में भागों के नाम लिखें:
- गतिविधि – पौधे से मित्रता (पृष्ठ 73-74):
- विद्यार्थी एक पौधा चुनें (पेड़/झाड़ी) और उसे एक नाम दें।
- प्रतिदिन उसे पानी दें और उसकी देखभाल करें।
- अवलोकन डायरी बनाएँ:पौधे के भागसंख्या (अधिक/कम/नहीं)आकृतिअन्य बातेंपत्तियाँ………फूल………फल………
- प्रश्न: “क्या आपको पौधे पर नई पत्तियाँ दिखीं? क्या पत्तियों के रंग में बदलाव आया?”
- गतिविधि – पत्तियों की विशेषताएँ (पृष्ठ 74-75):
- विद्यार्थी अपने आस-पास की पत्तियों को देखें:
- रंग – हरा, पीला, लाल, भूरा
- आकार – गोल, लंबा, नुकीला, हृदयाकार, तारे के आकार
- सतह – चिकनी, खुरदरी
- गंध – तीखी, सुगंधित, हल्की
- विद्यार्थी अपनी कॉपी में पत्तियों के चित्र बनाएँ और रंग भरें।
- गतिविधि – गंध से पहचान (पृष्ठ 75):
- विद्यार्थी अपनी आँखें बंद करें और मित्र द्वारा लाए गए फल को सूँघकर पहचानें।
- चर्चा: “साबुत फल की अपेक्षा कटे हुए फल को पहचानना आसान क्यों था?” (कटे फल से अधिक गंध आती है)
- विद्यार्थी अपने आस-पास की पत्तियों को देखें:
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “पौधे के कितने भाग होते हैं? नाम बताएँ।” (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज)
- गृहकार्य: “अपने मित्र पौधे की एक अवलोकन डायरी बनाएँ – उसमें पत्तियाँ, फूल, फल के बारे में लिखें।”
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, छाल का छापा एवं रंगोली
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “पौधे के भाग कौन-कौन से हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपने कभी किसी पेड़ की छाल (बार्क) पर हाथ रखा है? वह कैसी लगती है?”
- प्रश्न: “क्या आप पत्तों और फूलों से रंगोली बना सकते हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- गतिविधि – छाल का छापा (Bark Rubbing) (पृष्ठ 77):
- विद्यार्थी किसी पेड़ की छाल पर कागज़ रखें और उस पर क्रेयॉन/पेंसिल से रगड़ें।
- छाल का नमूना (pattern) कागज़ पर उभर कर आएगा।
- कागज के पीछे पेड़ का नाम लिखें।
- सभी विद्यार्थियों के कागज़ इकट्ठा करें और देखें कि क्या छाल के छापे से पेड़ की पहचान कर सकते हैं।
- गतिविधि – रंगोली (पृष्ठ 79):
- विद्यार्थी गिरी हुई पत्तियों और फूलों को इकट्ठा करें।
- उन्हें अलग-अलग तरह से सजाकर रंगोली बनाएँ।
- विद्यार्थी पत्तियों से पशु-पक्षियों की आकृतियाँ भी बना सकते हैं (जैसे – मोर, चिड़िया, तितली)।
- गतिविधि (पृष्ठ 77):
- विद्यार्थी पेड़ पर मौजूद अन्य जीव-जंतुओं (कीट, पक्षी, गिलहरी) को खोजें और बताएँ:
- “छाल का छापा लेते समय क्या आपने अपने पेड़ पर किसी और जीव-जंतु, पक्षी या कीट को देखा? वे क्या कर रहे थे?”
- विद्यार्थी पेड़ पर मौजूद अन्य जीव-जंतुओं (कीट, पक्षी, गिलहरी) को खोजें और बताएँ:
- ‘क्या आप जानते हैं?’ (पृष्ठ 77):
- गन्ने के तने से गुड़ बनाया जाता है।
- बाँस – सबसे बड़ी घास है।
- रेफलेशिया – मिजोरम में पाया जाने वाला सबसे बड़ा फूल (छाते जितना बड़ा)।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों की रंगोली और छाल के छापे की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: “अपने पसंदीदा पेड़ की छाल का छापा बनाएँ और उसका चित्र अपनी कॉपी में बनाएँ।”
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई रंगोली और छाल के छापे का प्रदर्शन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- पेड़ और झाड़ी में क्या अंतर है?
- शाक (जड़ी-बूटी) क्या होता है? एक उदाहरण दें।
- घास की क्या विशेषताएँ हैं?
- लता और बेल में क्या अंतर है?
- पौधे के कितने भाग होते हैं? नाम बताएँ।
- बाँस क्या है? (घास)
- सबसे बड़ा फूल किस राज्य में पाया जाता है? (मिजोरम – रेफलेशिया)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) पौधे के चार प्रकार (पेड़, झाड़ी, शाक, घास) के दो-दो उदाहरण लिखिए।
- (ख) लता और बेल में अंतर लिखिए।
- (ग) पौधे के पाँच भागों के नाम लिखिए।
- (घ) पत्तियों की तीन विशेषताएँ (रंग, आकार, गंध) लिखिए।
- (ङ) आपने अपने ‘मित्र पौधे’ में क्या-क्या अवलोकन किए? (कोई तीन बातें)
- समूह चर्चा:
- “यदि पेड़-पौधे न होते, तो क्या होता?” (ऑक्सीजन न मिलती, जानवरों को घर/खाना न मिलता, बारिश कम होती)
- “पेड़ों के बढ़ने में जड़ किस तरह सहायता करती है?” (मिट्टी से पानी/खनिज सोखती है, पेड़ को ज़मीन में जकड़ती है)
- “पेड़ के लिए तना क्या कार्य करता है?” (पानी/भोजन को जड़ से पत्तियों तक पहुँचाता है, पेड़ को सहारा देता है)
- गतिविधि (पृष्ठ 79):
- विद्यार्थी पत्तियों से चिड़िया या अन्य आकृतियाँ बनाएँ (चित्र देखकर)।
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘कुछ खोज पेड़-पौधों की’ पाठ ने हमें पेड़, झाड़ी, शाक, घास, लता और बेल के बारे में सिखाया। हमने पौधों के भाग – जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज – के बारे में जाना। हमने पत्तियों की विशेषताएँ (रंग, आकार, गंध) देखीं और छाल का छापा तथा प्राकृतिक रंगोली बनाई। हमने जाना कि चावल, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, रागी, गन्ना, बाँस सब घास हैं। बाँस सबसे बड़ी घास है, और रेफलेशिया (मिजोरम) सबसे बड़ा फूल है। पेड़-पौधे हमारे सबसे अच्छे मित्र हैं – वे हमें ऑक्सीजन, भोजन, दवा, छाया और सुंदरता देते हैं। हमें पेड़-पौधों की देखभाल करनी चाहिए, उन्हें पानी देना चाहिए, और उन्हें काटने से बचाना चाहिए। “पेड़ बचाओ – जीवन बचाओ!” “
- अगले पाठ ‘पेड़-पौधे और पशु-पक्षी हैं साथ’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि पशु-पक्षी और पेड़-पौधे एक-दूसरे के साथ कैसे रहते हैं और एक-दूसरे पर कैसे निर्भर हैं।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- पेड़, झाड़ी, शाक, घास, लता, बेल के चित्र/वास्तविक नमूने
- विभिन्न पत्तियों के नमूने
- पौधे के भागों का चार्ट
- क्रेयॉन/पेंसिल, कागज़ (छाल के छापे के लिए)
- गिरी हुई पत्तियाँ, फूल (रंगोली के लिए)
- रंग, कागज़, पेंसिल (चित्रकला के लिए)
- पौधे की अवलोकन डायरी का प्रारूप (तालिका)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | विभिन्न प्रकार के पौधों (पेड़, झाड़ी, शाक, घास, लता, बेल) की पहचान | मौखिक/लिखित |
| 2 | पौधों के भागों (जड़, तना, पत्ती, फूल, फल, बीज) की पहचान | चित्र/मौखिक |
| 3 | पत्तियों की विशेषताएँ (रंग, आकार, गंध) बताने की क्षमता | मौखिक/लिखित |
| 4 | छाल का छापा (bark rubbing) लेने का कौशल | गतिविधि/कला |
| 5 | पौधे की अवलोकन डायरी बनाना | लिखित/गतिविधि |
| 6 | प्राकृतिक सामग्री से रंगोली बनाने का कौशल | कला/गतिविधि |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘पेड़’, ‘झाड़ी’, ‘घास’, ‘फूल’, ‘पत्ती’, ‘जड़’, ‘तना’ को क्या कहते हैं। स्थानीय पौधे – बच्चों को अपने क्षेत्र के स्थानीय पौधों के नाम पता करने को कहें (जैसे – साल, सखुआ, बेर, आम, नीम, पीपल, बरगद)। ‘मित्र पौधा’ – बच्चों को प्रकृति से जुड़ाव का अनुभव दें – वे एक पौधे को अपना मित्र बनाएँ, उसे पानी दें और उसकी देखभाल करें। छाल का छापा – बच्चों को पेड़ों की बनावट को करीब से देखने का अवसर दें – यह उनके अवलोकन कौशल को विकसित करेगा। रंगोली – बच्चों को प्राकृतिक सामग्री से रचनात्मकता दिखाने का अवसर दें – वे पत्तियों और फूलों का उपयोग करके सुंदर आकृतियाँ बना सकते हैं। घास – बच्चों को बताएँ कि हम जो अनाज (चावल, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, रागी) खाते हैं, वे सब घास के बीज हैं – यह उनके लिए आश्चर्य की बात होगी। रेफलेशिया – बच्चों को मिजोरम के इस विशाल फूल के बारे में बताकर भारत की विविधता का अनुभव कराएँ। “पेड़ बचाओ – जीवन बचाओ!” – इस संदेश को बार-बार दोहराएँ।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
