आम का पेड़ – कक्षा 3 हिंदी Unit 1: हमारा पर्यावरण (Aam Ka Ped Class 3 Hindi)
पाठ का सारांश
यह एक प्रेरक कहानी है जिसमें सौरभ नाम का बच्चा अपने चाचाजी द्वारा भेजे गए मीठे आम खाकर अपने बगीचे में आम की गुठली बो देता है। वह प्रतिदिन पानी डालता है, पर जब कुछ दिनों तक पौधा नहीं निकलता, तो वह पानी देना बंद कर देता है। एक दिन हल्की वर्षा के बाद उसे लाल-लाल कोपलों वाला नन्हा पौधा दिखाई देता है। वह अपनी बहन प्रिया को बुलाकर खुशी मनाता है। पिताजी उन्हें बताते हैं कि पेड़ को बड़ा होने में 4-5 साल लगेंगे, तब उसमें फल लगेंगे। प्रिया थोड़ी उदास हो जाती है, पर सौरभ धैर्य के साथ कहता है कि वे पौधे की देखभाल करेंगे और एक दिन फल अवश्य खाएँगे। यह कहानी धैर्य, लगन, परिश्रम और प्रकृति के प्रति प्रेम की शिक्षा देती है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- कहानी को सही उच्चारण एवं भाव के साथ पढ़ पाएँगे
- आम के पौधे को उगाने की प्रक्रिया को समझ पाएँगे (गुठली बोना → पौधा → पेड़ → फल)
- पौधों की देखभाल का महत्व समझ पाएँगे
- फल, सब्जी और अनाज का वर्गीकरण कर पाएँगे
- नाम वाले शब्द (संज्ञा) और काम वाले शब्द (क्रिया) में अंतर पहचान पाएँगे
- गुठली वाले और बिना गुठली वाले फलों में अंतर कर पाएँगे
- अनुक्रम (sequencing) गतिविधि को सही क्रम में लिख पाएँगे
- कल्पनाशीलता एवं चित्रकला कौशल का विकास कर पाएँगे
दिन 1 – कहानी का परिचय एवं वाचन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपको कौन-सा फल सबसे अच्छा लगता है? आम के बारे में आप क्या जानते हैं?”
- आम का एक पका हुआ या कृत्रिम फल (या चित्र) दिखाएँ।
- विद्यार्थियों से पूछें: “क्या आपने कभी किसी फल की गुठली बोई है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कहानी का सस्वर वाचन – शिक्षक कहानी को भावपूर्ण ढंग से पढ़कर सुनाएँ (पृष्ठ 53-55)।
- सामूहिक वाचन – विद्यार्थी बारी-बारी से पैराग्राफ पढ़ें।
- कठिन/नए शब्दों की व्याख्या:
- गुठली = आम के अंदर का बीज (seed)
- कोपलें = पौधे की नई पत्तियाँ/कली
- प्रसन्न = खुश
- शाखाएँ = पेड़ की बड़ी डालियाँ
- तना = पेड़ का मुख्य खड़ा भाग
- देखभाल = ध्यान रखना
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “सौरभ ने आम की क्या बोई?” (गुठली)
- गृहकार्य: कहानी को एक बार और पढ़ना। किसी फल की गुठली/बीज लाकर दिखाना (जैसे – आम, अमरूद, तरबूज़)।
दिन 2 – कहानी की गहन समझ एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – विद्यार्थी कहानी के मुख्य बिंदु बताएँ।
- विद्यार्थियों ने जो बीज/गुठली लाई है, उसे दिखाएँ।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 56):
- आपको कौन-सा फल बहुत अच्छा लगता है? वह फल आपको क्यों पसंद है?
- आपके घर या विद्यालय में कौन-से पेड़-पौधे लगे हैं? उनकी देखभाल कौन करता है?
- चित्र में धरती पर आम क्यों गिरे होंगे? (हवा, पका होना, तोड़ना, आदि)
- चित्र में दिखाए गए बच्चे और व्यक्ति आमों का क्या करेंगे? (खाएँगे, बाँटेंगे, कुछ पका लेंगे)
- ‘सोचिए और लिखिए’ (पृष्ठ 56):
- सौरभ के चाचाजी ने किस मौसम में आम भेजे? (गरमी/गर्मियों के दिन)
- आम खाकर सौरभ के मन में क्या विचार आया? (अपने बगीचे में आम लगाने का)
- सौरभ ने पानी डालना क्यों बंद कर दिया? (पौधा नहीं निकला) – क्या उसे ऐसा करना चाहिए था? (नहीं, उसे धैर्य रखना चाहिए था)
- सौरभ और उसकी बहन क्यों प्रसन्न थे? (पौधा निकल आया था)
- पिताजी ने आम के पौधे के बारे में क्या बताया? (उसे बड़ा होने में 4-5 साल लगेंगे, तब फल लगेंगे)
समापन (5 मिनट)
- “सौरभ ने क्या सीखा?” (धैर्य रखना, देखभाल करना)
- गृहकार्य: ‘आपका अनुमान’ (पृष्ठ 57) – चित्रों में पात्र आपस में क्या बात कर रहे होंगे, दो-तीन वाक्य लिखिए।
दिन 3 – अभ्यास एवं भाषा कौशल (अनुक्रम और व्याकरण)
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- कहानी का सामूहिक वाचन।
- पिछले दिन के गृहकार्य (चित्र-संवाद) साझा करें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- गुठली बोने का अनुक्रम (पृष्ठ 59) – विद्यार्थी नीचे दिए गए कार्यों को सही क्रम में रखें:
- (क) माता-पिता से गुठली बोने की इच्छा बताई। → (1)
- (ख) माताजी से गुठली बोने की जानकारी ली। → (2)
- (ग) गुठली बोने के लिए अपनी माँ से सही स्थान का सुझाव माँगा। → (3)
- (घ) खुरपी से धरती में गड्ढा खोदा। → (4)
- (ङ) गड्ढे में खाद डाली। → (5)
- (च) गड्ढे में गुठली डालकर उस पर मिट्टी डाली। → (6)
- (छ) बाल्टी में पानी लेकर आया। → (7)
- (ज) धरती पर पानी डाला। → (8)
- वर्गीकरण गतिविधि (फल/अनाज/सब्जी की टोकरी) (पृष्ठ 60):
विद्यार्थियों को तीन टोकरियाँ बनाकर उचित स्थान पर वस्तुएँ रखनी हैं:- फल की टोकरी – आम, सेब, पपीता, लीची, केला, अनार, अंगूर, खरबूजा, तरबूज
- अनाज की टोकरी – गेहूँ, बाजरा, चावल, मकई
- सब्जी की टोकरी – करेला, ककड़ी, आलू, मूली, लौकी, बैंगन, गाजर, पालक, भिंडी, तोरी
- विशेषता वाले शब्द (पृष्ठ 61):
- कहानी के अनुसार विशेषताएँ लिखें:
- आम – मीठे / स्वादिष्ट
- गुठली – आम की
- पौधा – नन्हा / हरा / लाल-लाल कोपलों वाला
- पेड़ – बड़ा (4-5 साल में)
- कहानी के अनुसार विशेषताएँ लिखें:
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के कार्यों की जाँच।
- गृहकार्य: ‘भाषा की बात’ (पृष्ठ 62) – गुठली वाले और बिना गुठली वाले फलों की सूची पूरी करें (उदा: आम/केला)। काम और नाम वाले शब्दों को छाँटें।
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, वर्गीकरण एवं पहेली
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य की चर्चा (गुठली वाले/बिना गुठली वाले फल)।
- कहानी का संक्षिप्त पुनर्वाचन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- काम वाले (क्रिया) और नाम वाले (संज्ञा) शब्द (पृष्ठ 62):
- काम वाले शब्द – खोदना, भेजना, लगाना, डालना, उठना, सुनना, आना, बताना, पकाना, लेना, देना, होना।
- नाम वाले शब्द – चाचाजी, सौरभ, बगीचा, आम, गुठली, पौधा, पानी, पिताजी, प्रिया, फल, पेड़, शाखाएँ।
- भूलभुलैया (पृष्ठ 63) – चित्र में दिए गए भूलभुलैया खेल में प्रिया को एक फल से दूसरे फल तक ले जाते हुए बाहर निकलने में सहायता करें (कक्षा में प्रोजेक्टर या बोर्ड पर बड़ा चित्र बनाकर दिखाएँ)।
- मेरे विद्यालय में पेड़-पौधे (पृष्ठ 61):
- विद्यार्थियों को विद्यालय के परिसर में ले जाएँ (या चित्र दिखाएँ)।
- वे पेड़-पौधों के नाम सूचीबद्ध करें और बताएँ कि वे उनकी देखभाल कैसे करते हैं (पानी देना, सफाई, खाद देना)।
- कला गतिविधि – हाथ की छाप वाला पेड़ (पृष्ठ 64):
- विद्यार्थी अपनी हथेली और अंगुलियों का उपयोग करके पेड़ बनाएँ।
- हथेली = तना, अंगुलियाँ = शाखाएँ, फूल/फल बनाने के लिए उँगलियों के निशान या रंगीन बिंदु बनाएँ।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों की कलाकृति का प्रदर्शन।
- गृहकार्य: घर के बड़ों से आम की विभिन्न किस्मों (दशहरी, सिंदूरी, चौसा, आम्रपाली, हापुस, आदि) के नाम पूछकर लिखिए (पृष्ठ 65)। ‘बूझो तो जानें’ (पृष्ठ 65) की पहेली का उत्तर सोचें।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, पहेलियाँ एवं मूल्यांकन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- बच्चों ने आम की किस्मों के जो नाम पता किए, उन्हें साझा करें।
- ‘बूझो तो जानें’ (पृष्ठ 65) पहेलियों का उत्तर बताएँ:
- “लाल-लाल डिबिया के अंदर, छोटे-छोटे पीले खाने…” → उत्तर: अनार
- “ऊपर से तो है हरा, अंदर से है लाल…” → उत्तर: तरबूज़
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- सौरभ के चाचाजी ने कौन-सा फल भेजा? (आम)
- सौरभ ने गुठली कहाँ बोई? (बगीचे में)
- पौधा न निकलने पर सौरभ ने क्या किया? (पानी देना बंद कर दिया)
- पिताजी ने पेड़ के बड़े होने में कितना समय बताया? (4-5 वर्ष)
- सौरभ ने धैर्य रखने की बात क्यों कही? (वे पौधे की देखभाल करेंगे और एक दिन फल खाएँगे)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) कहानी ‘आम का पेड़’ के मुख्य पात्रों के नाम लिखिए। (सौरभ, प्रिया, पिताजी, चाचाजी)
- (ख) सौरभ ने आम की गुठली क्यों बोई? (वह चाहता था कि उसके बगीचे में भी आम का पेड़ हो और वह मीठे आम खाए)
- (ग) पौधा निकलने पर सौरभ और प्रिया ने क्या किया? (वे दौड़े-दौड़े पिताजी के पास गए और खुशी मनाई)
- (घ) नीचे दिए गए शब्दों में से ‘काम वाले शब्द’ (क्रिया) छाँटकर लिखिए: (खोदना, बगीचा, पानी देना, पेड़, उगना, प्रिया) → उत्तर: खोदना, पानी देना, उगना
- (ङ) ‘गुठली वाले’ और ‘बिना गुठली वाले’ फलों के दो-दो नाम लिखिए। (गुठली वाले – आम, अमरूद, लीची; बिना गुठली – केला, पपीता)
- समूह चर्चा (पृष्ठ 61):
- “यदि आपको पौधा लगाना हो तो आप किसे लगाएँगे और क्यों?” – विद्यार्थी अपने विचार साझा करें।
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “आम का पेड़” कहानी हमें धैर्य, परिश्रम और प्रकृति के प्रति प्रेम की सीख देती है। हमें पौधे लगाने चाहिए, उनकी देखभाल करनी चाहिए और फल-फूल आने के लिए धैर्य रखना चाहिए।
- अगले पाठ (Unit 2) ‘बीरबल की खिचड़ी’ का संक्षिप्त परिचय।
शिक्षण सहायक सामग्री
- आम और अन्य फलों के चित्र/वास्तविक फल
- कहानी का चार्ट
- गुठली (बीज) के नमूने
- विभिन्न फलों, सब्जियों और अनाजों के चित्र कार्ड
- खुरपी, गमला, मिट्टी (यदि प्रदर्शन करना हो)
- शब्दार्थ कार्ड
- रंग, कागज़, गोंद (हाथ की छाप कला के लिए)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | कहानी का सस्वर एवं सार्थक वाचन | अवलोकन/मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | कहानी की समझ (पात्र, घटनाएँ, शिक्षा) | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 3 | गुठली बोने की सही अनुक्रम पहचान | क्रमांकन गतिविधि |
| 4 | फल/अनाज/सब्जी का वर्गीकरण | चित्र/शब्द कार्ड गतिविधि |
| 5 | व्याकरण (काम/नाम वाले शब्द, विशेषता) | लिखित अभ्यास |
| 6 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (चित्रकला, संवाद) | कला और कल्पना कार्य |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा में ‘आम’, ‘गुठली’, ‘पौधा’ को क्या कहते हैं। व्यावहारिक अनुभव के लिए यदि संभव हो तो कक्षा में एक गमले में कोई बीज बोने का प्रयोग करवाएँ, ताकि बच्चे सीखने की प्रक्रिया को जीवंत रूप से समझ सकें। विद्यार्थियों को पौधारोपण हेतु प्रोत्साहित करें।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
