संज्ञान वह मानसिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति
जानकारी को ग्रहण करता है, समझता है, संगठित करता है, स्मरण करता है तथा उपयोग करता है।
ज्ञान प्राप्त करने, समझने और प्रयोग करने की सम्पूर्ण मानसिक प्रक्रिया को संज्ञान कहते हैं।
सरल शब्दों में—
सोचना + समझना + याद रखना + तर्क करना = संज्ञान
🔷 संज्ञान की परिभाषाएँ
- नीसर (Neisser) के अनुसार –
“संज्ञान उन सभी प्रक्रियाओं का समूह है जिनके द्वारा इंद्रिय सूचनाएँ परिवर्तित, संचित और उपयोग की जाती हैं।” - वुडवर्थ के अनुसार –
“संज्ञान वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने वातावरण को जानता और समझता है।”
🔷 संज्ञान की विशेषताएँ (Characteristics of Cognition)
✔ यह एक आंतरिक मानसिक प्रक्रिया है
✔ अनुभव एवं अधिगम पर आधारित
✔ उद्देश्यपूर्ण और सक्रिय
✔ व्यक्ति-विशेष में भिन्न
✔ अधिगम की आधारशिला
🔷 संज्ञान के प्रमुख प्रकार (Types of Cognition)
1. बोध (Perception)
- इंद्रियों से प्राप्त सूचनाओं को अर्थ देना
- सीखने की पहली सीढ़ी
2. स्मृति (Memory)
- सीखी हुई जानकारी को सुरक्षित रखना और पुनः स्मरण करना
3. चिन्तन (Thinking)
- विचारों के बीच संबंध स्थापित करना
- विश्लेषण एवं निर्णय
4. तर्क (Reasoning)
- तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालना
5. कल्पना (Imagination)
- नए विचारों और मानसिक चित्रों का निर्माण
6. समस्या समाधान (Problem Solving)
- कठिन परिस्थिति का तार्किक समाधान ढूँढना
7. ध्यान (Attention)
- किसी एक वस्तु या विचार पर मानसिक एकाग्रता
🔷 संज्ञान एवं अधिगम (Cognition and Learning)
✦ अधिगम में संज्ञान की भूमिका
संज्ञान अधिगम की केन्द्रीय प्रक्रिया है।
अधिगम तभी प्रभावी होता है जब संज्ञानात्मक प्रक्रियाएँ सक्रिय हों।
✦ संज्ञानात्मक अधिगम की विशेषताएँ
- बालक सक्रिय अधिगमकर्ता होता है
- सीखना अर्थपूर्ण होता है
- समझ पर बल, रटंत पर नहीं
- पूर्व ज्ञान का उपयोग
✦ संज्ञानात्मक अधिगम के चरण
- सूचना ग्रहण (Input)
- सूचना का संगठन
- स्मृति में संग्रहण
- पुनः उपयोग (Application)
🔷 संज्ञानात्मक अधिगम के उदाहरण
- गणितीय समस्या हल करना
- कारण–परिणाम समझना
- अवधारणाओं की तुलना
- नए नियम बनाना
🔷 शिक्षण में संज्ञान का महत्व
- तार्किक एवं आलोचनात्मक सोच का विकास
- समस्या समाधान क्षमता में वृद्धि
- स्थायी एवं अर्थपूर्ण अधिगम
- आत्मनिर्भरता और रचनात्मकता
🔷 शिक्षक के लिए सुझाव
✔ अनुभव आधारित शिक्षण
✔ प्रश्न–उत्तर व चर्चा
✔ शिक्षण सामग्री (TLM) का प्रयोग
✔ पूर्व ज्ञान से जोड़कर पढ़ाना
🔷 परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण बिंदु (Exam Points)
✔ संज्ञान = ज्ञानात्मक मानसिक प्रक्रिया
✔ संज्ञान अधिगम का आधार
✔ बोध → स्मृति → चिन्तन → तर्क
✔ रटंत नहीं, समझ आधारित अधिगम
✍️ एक पंक्ति में उत्तर (One-liners)
- संज्ञान: ज्ञान को प्राप्त करने और उपयोग करने की मानसिक प्रक्रिया।
- संज्ञानात्मक अधिगम: समझ एवं सोच पर आधारित अधिगम।
