1️⃣ बालक में समायोजन का अर्थ
- समायोजन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बालक
अपनी आवश्यकताओं, क्षमताओं और वातावरण के बीच संतुलन स्थापित करता है। - समायोजित बालक मानसिक रूप से स्वस्थ, सामाजिक रूप से स्वीकार्य और शैक्षिक रूप से सक्रिय होता है।
2️⃣ बालक में समायोजन निर्माण (Adjustment Formation)
🔹 समायोजन निर्माण के आधार
- परिवार का सहयोगात्मक वातावरण
- विद्यालय का सकारात्मक माहौल
- शिक्षक–छात्र का सौहार्दपूर्ण संबंध
- सहपाठी समूह
- सामाजिक स्वीकृति
- आत्म-सम्मान और सुरक्षा की भावना
3️⃣ असमायोजन (Maladjustment) : अर्थ
- जब बालक अपनी आवश्यकताओं और परिस्थितियों में संतुलन नहीं बना पाता,
तब असमायोजन की स्थिति उत्पन्न होती है। - असमायोजन का परिणाम –
व्यवहार समस्याएँ, तनाव, विद्रोह, पलायन या मानसिक अस्वस्थता।
4️⃣ असमायोजन के प्रमुख कारण
(A) पारिवारिक कारण
- अत्यधिक अनुशासन या उपेक्षा
- पारिवारिक कलह
- माता-पिता की अवास्तविक अपेक्षाएँ
(B) विद्यालयी कारण
- शिक्षक का कठोर व्यवहार
- परीक्षा दबाव
- अधिगम कठिनाइयाँ
- असफलता की बार-बार अनुभूति
(C) व्यक्तिगत कारण
- निम्न आत्म-सम्मान
- शारीरिक या बौद्धिक सीमाएँ
- संवेगात्मक असंतुलन
(D) सामाजिक कारण
- गरीबी
- सामाजिक अस्वीकृति
- भेदभाव
5️⃣ असमायोजन के लक्षण
- चिड़चिड़ापन
- आक्रामकता
- सामाजिक अलगाव
- झूठ बोलना
- अनुशासनहीनता
- पलायन प्रवृत्ति
6️⃣ असमायोजन में सुधार के उपाय
(Remedial Measures)
🔹 1. परामर्श एवं मार्गदर्शन
- बालक की समस्या को समझना
- भावनात्मक सहारा देना
🔹 2. सकारात्मक अनुशासन
- दंड के स्थान पर समझाइश
- प्रोत्साहन का प्रयोग
🔹 3. आत्म-सम्मान का विकास
- सफलता के अवसर
- प्रशंसा एवं प्रोत्साहन
🔹 4. संवेगात्मक प्रशिक्षण
- भावनाओं की उचित अभिव्यक्ति
- आत्म-नियंत्रण
7️⃣ शैक्षिक प्रयास (Educational Efforts)
- बालक-केंद्रित शिक्षण
- रुचि आधारित अधिगम
- तनाव-मुक्त कक्षा वातावरण
- सहगामी क्रियाएँ (खेल, नाटक, कला)
- शिक्षक का सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण
- अधिगम कठिनाइयों का निदान एवं उपचारात्मक शिक्षण
👉 CTET बिंदु:
अच्छा विद्यालय वातावरण बालक के समायोजन का सशक्त साधन है।
8️⃣ सामाजिक प्रयास (Social Efforts)
- परिवार में स्नेह एवं सुरक्षा
- सामाजिक समानता एवं स्वीकृति
- सहयोगात्मक सामाजिक वातावरण
- समुदाय आधारित कार्यक्रम
- बाल संरक्षण योजनाएँ
- सकारात्मक सहपाठी समूह
9️⃣ परिवार की भूमिका
- प्रेमपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण
- यथार्थवादी अपेक्षाएँ
- संवाद और समझ
- भावनात्मक समर्थन
🔟 विद्यालय की भूमिका
- मित्रवत शिक्षक
- लोकतांत्रिक अनुशासन
- समूह गतिविधियाँ
- परामर्श सेवाएँ
1️⃣1️⃣ निष्कर्ष
- समायोजन बालक के समग्र विकास की कुंजी है।
- असमायोजन को समय रहते पहचानकर
शैक्षिक एवं सामाजिक प्रयासों से सुधारा जा सकता है। - परिवार, विद्यालय और समाज – तीनों की संयुक्त भूमिका आवश्यक है।
📌 परीक्षा हेतु 1–2 पंक्ति उत्तर
- बालक में समायोजन का निर्माण परिवार, विद्यालय और समाज के सहयोग से होता है।
- असमायोजन का समाधान परामर्श, सकारात्मक शिक्षा एवं सामाजिक सहयोग से संभव है।
