(Hearing Impaired Children and Their Education – CDP / CTET / TET / B.Ed / D.El.Ed हेतु बिंदुवार नोट्स)
1️⃣ श्रवण बाधित बालक का अर्थ
- वे बालक जिनकी सुनने की क्षमता सामान्य से कम होती है और
जो श्रवण यंत्र (Hearing Aid) के बाद भी सामान्य रूप से सुन नहीं पाते। - श्रवण बाधा का प्रभाव भाषा, बोलचाल और अधिगम पर पड़ता है।
👉 सरल शब्दों में –
सुनने की क्षमता में कमी के कारण सीखने में विशेष कठिनाई = श्रवण बाधित बालक
2️⃣ श्रवण बाधा के प्रकार
🔹 1. अल्प श्रवण (Hard of Hearing)
- कुछ हद तक सुन पाना
- श्रवण यंत्र से लाभ संभव
🔹 2. पूर्ण बधिरता (Deafness)
- बिल्कुल या लगभग न सुन पाना
- संकेत भाषा (Sign Language) पर निर्भरता
3️⃣ श्रवण बाधित बालकों की विशेषताएँ
🔹 भाषा एवं वाणी संबंधी
- बोलने में विलंब
- उच्चारण में कठिनाई
- शब्दावली सीमित
🔹 शैक्षिक
- मौखिक निर्देश समझने में कठिनाई
- पढ़ने–लिखने में अपेक्षाकृत धीमी गति
🔹 सामाजिक–भावनात्मक
- सामाजिक संपर्क में झिझक
- आत्मविश्वास की कमी (यदि सहयोग न मिले)
🔹 संज्ञानात्मक
- बुद्धि सामान्य होती है
- दृश्य स्मृति प्रबल हो सकती है
4️⃣ श्रवण बाधित बालकों की शैक्षिक आवश्यकताएँ
- दृश्य आधारित शिक्षण
- स्पष्ट एवं धीमी गति से निर्देश
- संकेत भाषा / ओष्ठ-पठन (Lip Reading)
- सहायक उपकरणों का प्रयोग
5️⃣ श्रवण बाधित बालकों की शिक्षा के उद्देश्य
- भाषा एवं संप्रेषण कौशल का विकास
- शैक्षिक उपलब्धि बढ़ाना
- सामाजिक समायोजन
- आत्मनिर्भरता एवं जीवन कौशल का विकास
6️⃣ शिक्षण विधियाँ एवं माध्यम
🔹 1. संकेत भाषा (Sign Language)
- संप्रेषण का प्रमुख साधन
- भावों और संकेतों द्वारा शिक्षा
🔹 2. ओष्ठ-पठन (Lip Reading)
- होठों की गति देखकर समझना
🔹 3. दृश्य शिक्षण विधि
- चित्र, चार्ट, मॉडल, वीडियो
- लिखित निर्देशों का प्रयोग
🔹 4. श्रवण यंत्र एवं तकनीक
- Hearing Aid
- Cochlear Implant
- FM सिस्टम
7️⃣ शिक्षक की भूमिका
- सामने खड़े होकर स्पष्ट बोलना
- छोटे व सरल वाक्यों का प्रयोग
- दृश्य सामग्री का अधिक उपयोग
- धैर्य, सहानुभूति एवं सकारात्मक दृष्टिकोण
8️⃣ विद्यालय की भूमिका
- समावेशी शिक्षा का वातावरण
- विशेष शिक्षक/संसाधन कक्ष
- शांत एवं शोर-रहित कक्षा
- परीक्षा में सहूलियत (extra time, लिखित निर्देश)
9️⃣ अभिभावकों की भूमिका
- घर में संवाद के अवसर देना
- संकेत भाषा सीखने के लिए प्रेरित करना
- अतिसंरक्षण से बचना
- विद्यालय से नियमित संपर्क
🔟 मूल्यांकन व्यवस्था
- लिखित एवं दृश्य आधारित मूल्यांकन
- मौखिक परीक्षा में लचीलापन
- सतत एवं व्यापक मूल्यांकन
1️⃣1️⃣ श्रवण बाधित बालकों की शिक्षा में सहायक उपाय
- सहपाठी सहयोग (Peer Support)
- ICT एवं ऑडियो-विजुअल तकनीक
- सकारात्मक प्रोत्साहन
1️⃣2️⃣ निष्कर्ष
- श्रवण बाधित बालक सामान्य बुद्धि वाले होते हैं
- उचित शिक्षण विधि, तकनीक और सहयोग से
वे शैक्षिक एवं सामाजिक रूप से सफल हो सकते हैं
📌 परीक्षा उपयोगी एक पंक्ति में
- श्रवण बाधा = सुनने की क्षमता में कमी
- संकेत भाषा = प्रमुख संप्रेषण माध्यम
- शिक्षा का लक्ष्य = भाषा विकास + समायोजन + स्वावलंबन
