(Personality Development & Factors Influencing It)
(B.Ed., D.El.Ed., CTET/TET, बाल विकास एवं मनोविज्ञान हेतु महत्वपूर्ण Notes)
1. व्यक्तित्व का अधिगम (Personality as Learned Behavior)
व्यक्तित्व केवल जन्मजात नहीं होता, बल्कि यह
👉 अनुभव, अभ्यास, शिक्षा और सामाजिक संपर्क के माध्यम से अधिगम द्वारा विकसित होता है।
व्यक्तित्व = जन्मजात प्रवृत्तियाँ + अधिगम अनुभव
बालक परिवार, विद्यालय और समाज से जो कुछ सीखता है, वही धीरे-धीरे उसके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाता है।
2. व्यक्तित्व का गठन (Formation of Personality)
व्यक्तित्व का गठन एक निरंतर एवं गतिशील प्रक्रिया है,
जो जन्म से लेकर जीवनभर चलती रहती है।
इस प्रक्रिया में जैविक, मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कारक संयुक्त रूप से कार्य करते हैं।
3. व्यक्तित्व के अधिगम के प्रमुख साधन
(1) अनुकरण (Imitation)
- बालक बड़ों के व्यवहार की नकल करता है
- माता-पिता, शिक्षक, मित्र आदर्श बनते हैं
👉 जैसे: शिष्ट भाषा, अनुशासन, व्यवहार
(2) अभ्यास एवं अनुभव
- बार-बार किया गया व्यवहार स्थायी बन जाता है
- सफलता-असफलता के अनुभव व्यक्तित्व को आकार देते हैं
(3) पुरस्कार एवं दंड
- पुरस्कार → वांछित व्यवहार को मजबूत करता है
- दंड → अवांछित व्यवहार को कम करता है
(4) सामाजिक अधिगम
- समूह, मित्र, समाज से सीखना
- सहयोग, प्रतिस्पर्धा, नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं
4. व्यक्तित्व के गठन के प्रमुख कारक
(Factors Influencing Personality Development)
(A) वंशानुक्रम (Heredity)
- जन्मजात गुण
- शारीरिक बनावट
- बुद्धि की आधारभूत क्षमता
- स्वभाव (Temperament)
👉 वंशानुक्रम व्यक्तित्व की आधारभूमि तैयार करता है।
(B) वातावरण (Environment)
वातावरण व्यक्तित्व को ढालने का कार्य करता है।
वातावरण के घटक—
- पारिवारिक वातावरण
- सामाजिक वातावरण
- सांस्कृतिक वातावरण
- भौतिक वातावरण
👉 अनुकूल वातावरण → संतुलित व्यक्तित्व
(C) परिवार (Family)
- प्रथम समाजीकरण का स्थान
- माता-पिता का व्यवहार
- प्रेम, अनुशासन, सुरक्षा
👉 परिवार व्यक्तित्व की नींव रखता है।
(D) विद्यालय (School)
- शिक्षक का व्यवहार
- सहपाठी समूह
- अनुशासन एवं गतिविधियाँ
👉 आत्म-विश्वास, नेतृत्व, सामाजिकता का विकास
(E) सामाजिक संपर्क (Social Interaction)
- मित्र समूह
- समाज की अपेक्षाएँ
- सामाजिक मानदंड
👉 सामाजिक स्वीकृति व्यक्तित्व को प्रभावित करती है।
(F) संस्कृति (Culture)
- परंपराएँ
- मूल्य
- भाषा
- विश्वास
👉 संस्कृति यह निर्धारित करती है कि
“क्या सही है और क्या गलत।”
(G) बुद्धि एवं अधिगम क्षमता
- अधिक बुद्धि → शीघ्र समायोजन
- अधिगम की शैली व्यक्तित्व को प्रभावित करती है
(H) भावनात्मक कारक
- भावनात्मक संतुलन
- तनाव प्रबंधन
- आत्म-नियंत्रण
👉 भावात्मक असंतुलन से व्यक्तित्व विकृति संभव।
(I) शारीरिक स्वास्थ्य
- अच्छा स्वास्थ्य → सकारात्मक दृष्टिकोण
- बीमारी → हीनभावना या चिड़चिड़ापन
(J) प्रेरणा एवं लक्ष्य
- लक्ष्य-बोध
- सफलता की आकांक्षा
- आत्म-प्रेरणा
👉 प्रेरित व्यक्ति का व्यक्तित्व अधिक सशक्त होता है।
5. व्यक्तित्व अधिगम की विशेषताएँ
✔ यह आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है
✔ वातावरण से प्रभावित
✔ अनुभव आधारित
✔ परिवर्तनीय
6. शैक्षिक महत्व
- बालक-केंद्रित शिक्षा
- व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम
- सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ
- परामर्श एवं मार्गदर्शन
7. निष्कर्ष
👉 व्यक्तित्व न तो केवल जन्म से मिलता है, न ही केवल शिक्षा से।
यह वंशानुक्रम और वातावरण की संयुक्त देन है,
जिसे अधिगम, अनुभव और सामाजिक संपर्क निरंतर आकार देते रहते हैं।
8. परीक्षा-उपयोगी एक पंक्ति में
✔ व्यक्तित्व = अधिगम + अनुभव
✔ परिवार = प्रथम व्यक्तित्व निर्माता
✔ वातावरण व्यक्तित्व को ढालता है
✔ व्यक्तित्व विकास आजीवन प्रक्रिया
