संसद (भारतीय संसद) : Every Facts (सम्पूर्ण तथ्य)
🏛️ संसद क्या है?
- संसद भारत की सर्वोच्च विधायिका (Supreme Legislature) है।
- देश में कानून बनाने, संशोधन करने और रद्द करने का कार्य संसद करती है।
- संसद सरकार पर नियंत्रण और निगरानी भी रखती है।
📜 संवैधानिक आधार
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 79 संसद के गठन से संबंधित है।
- अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद का गठन होता है:
- राष्ट्रपति
- राज्यसभा (उच्च सदन)
- लोकसभा (निम्न सदन)
👉 अर्थात् राष्ट्रपति संसद का अभिन्न अंग होता है।
🏛️ संसद के सदन
| सदन | नाम | अन्य नाम |
|---|---|---|
| उच्च सदन | राज्यसभा | Council of States (राज्यों की परिषद) |
| निम्न सदन | लोकसभा | House of the People (लोगों का सदन) |
🟦 राज्यसभा (राज्यसभा)
🔹 सामान्य तथ्य
- राज्यसभा संसद का उच्च सदन है।
- यह एक स्थायी सदन (Permanent House) है।
- इसे कभी भंग नहीं किया जाता।
📌 सदस्य संख्या (अनुच्छेद 80)
- राज्यसभा के अधिकतम सदस्य: 250
- 238 सदस्य – राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों द्वारा निर्वाचित
- 12 सदस्य – राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत
👉 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य:
- साहित्य
- कला
- विज्ञान
- संस्कृति
- प्रशासन
- न्याय
- विशेष ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव वाले व्यक्ति
📍 वर्तमान स्थिति
- कुल सदस्य: 245
- 233 निर्वाचित
- 12 मनोनीत
⏳ कार्यकाल
- राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल: 6 वर्ष
- प्रत्येक 2 वर्ष में 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
🗺️ सीटों का आवंटन
- विभिन्न राज्यों को दी गई राज्यसभा सीटों का विवरण संविधान की
चौथी अनुसूची (Fourth Schedule) में दिया गया है।
👨⚖️ सभापति (Chairman)
- उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-Officio Chairman) होता है।
- उपराष्ट्रपति:
- राज्यसभा का सभापति होता है
- लेकिन संसद का सदस्य नहीं होता
📝 राज्यसभा सदस्य बनने की योग्यताएँ
राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति में निम्न योग्यताएँ होनी चाहिए—
1️⃣ वह भारत का नागरिक हो
2️⃣ उसकी आयु 30 वर्ष से कम न हो
3️⃣ वह सरकार के किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर न हो
4️⃣ उसे संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार योग्य होना चाहिए
🏛️ लोकसभा क्या है?
- लोकसभा संसद का निम्न सदन (Lower House) है।
- इसे लोगों का सदन (House of the People) भी कहा जाता है।
- यह सदन जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित प्रतिनिधियों से बना होता है।
- लोकसभा लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे सशक्त सदन मानी जाती है।
📜 संवैधानिक आधार
- लोकसभा से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद: अनुच्छेद 81
- लोकसभा के गठन, सदस्य संख्या और निर्वाचन से संबंधित प्रावधान इसी अनुच्छेद में हैं।
👥 लोकसभा की सदस्य संख्या (अनुच्छेद 81)
🔹 अधिकतम सदस्य संख्या:
552 सदस्य
इनमें—
- 530 सदस्य → राज्यों के मतदाताओं द्वारा निर्वाचित
- 20 सदस्य → केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं द्वारा निर्वाचित
- 2 सदस्य → राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत (एंग्लो-इंडियन समुदाय से)
🔹 वर्तमान स्थिति (परंपरागत परीक्षा तथ्य):
- कुल सदस्य: 545
- 530 → राज्य
- 13 → केंद्र शासित प्रदेश
- 2 → राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्य
⚠️ नोट (अतिरिक्त तथ्य):
104वें संविधान संशोधन अधिनियम (2020) के बाद एंग्लो-इंडियन समुदाय का नामांकन समाप्त कर दिया गया है,
लेकिन कई परीक्षाओं/पुराने पाठ्यक्रमों में ऊपर दिया गया तथ्य पूछा जाता है।
⏳ लोकसभा का कार्यकाल
- लोकसभा का कार्यकाल:
- प्रथम अधिवेशन की तिथि से 5 वर्ष
- राष्ट्रपति चाहे तो:
- 5 वर्ष से पहले भी लोकसभा को भंग कर सकता है
- आपातकाल में लोकसभा का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
👨⚖️ लोकसभा अध्यक्ष (Speaker)
- लोकसभा का प्रमुख पीठासीन अधिकारी होता है।
- लोकसभा अध्यक्ष:
- स्वयं लोकसभा का सदस्य होता है
- सदन की कार्यवाही का संचालन करता है
- सदन में अनुशासन बनाए रखता है
🔹 शपथ से संबंधित तथ्य:
- लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष:
- अलग से शपथ नहीं लेते
- वे केवल लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते हैं
🔹 प्रथम लोकसभा अध्यक्ष:
- गणेश वासुदेव मावलंकर
🪑 प्रोटेम स्पीकर (Pro-tem Speaker)
- नवगठित लोकसभा में:
- राष्ट्रपति वरिष्ठतम सदस्य को
- कार्यवाहक अध्यक्ष (Pro-tem Speaker) नियुक्त करता है
- प्रोटेम स्पीकर का कार्य:
- लोकसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना
- इसके बाद स्थायी लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होता है।
💰 धन विधेयक (Money Bill) से संबंधित विशेष शक्तियाँ
- कोई विधेयक धन-विधेयक है या नहीं, इसका निर्णय:
- केवल लोकसभा अध्यक्ष करता है
- लोकसभा द्वारा पारित धन-विधेयक:
- राज्यसभा के पास केवल अनुशंसा (Recommendation) हेतु भेजा जाता है
- लोकसभा:
- राज्यसभा की अनुशंसा स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है
⏱️ समय सीमा:
- राज्यसभा को धन-विधेयक:
- अधिकतम 14 दिन में लौटाना होता है
- यदि 14 दिन में वापस न लौटाया जाए:
- विधेयक राज्यसभा द्वारा पारित माना जाता है
🤝 संयुक्त अधिवेशन (Joint Session)
- संसद के दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन:
- लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में होता है
- राज्यसभा का सभापति इसमें अध्यक्षता नहीं करता।
✅ लोकसभा सदस्य बनने की योग्यताएँ
लोकसभा का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति—
1️⃣ भारत का नागरिक हो
2️⃣ भारत के किसी भी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का पंजीकृत मतदाता हो
3️⃣ सरकार के किसी लाभ के पद पर न हो
4️⃣ उसकी आयु 25 वर्ष से कम न हो
⚖️ संसद के प्रमुख कार्य
- कानून निर्माण
- बजट पारित करना
- संविधान संशोधन
- कार्यपालिका पर नियंत्रण
- राष्ट्रीय नीतियों पर चर्चा
🧠 परीक्षा उपयोगी एक-पंक्ति तथ्य
- संसद का गठन → अनुच्छेद 79
- राज्यसभा से संबंधित अनुच्छेद → 80
- राज्यसभा = स्थायी सदन
- राज्यसभा सदस्य की न्यूनतम आयु → 30 वर्ष
- राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य → 12
- राज्यसभा सीटें → चौथी अनुसूची
- लोकसभा → संसद का निम्न सदन
- संबंधित अनुच्छेद → 81
- कार्यकाल → 5 वर्ष
- लोकसभा अध्यक्ष → धन विधेयक का प्रमाणन
- धन विधेयक पर राज्यसभा की भूमिका → केवल अनुशंसा
- संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता → लोकसभा अध्यक्ष
- लोकसभा सदस्य की न्यूनतम आयु → 25 वर्ष
निष्कर्ष
भारतीय संसद—
- लोकतंत्र का केन्द्र बिंदु है।
- जनता की इच्छाओं को कानून का रूप देती है।
- संविधान की रक्षा और देश के शासन की दिशा तय करती है।
लोकसभा—
- भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है
- जनता की इच्छा को कानून में बदलने वाला प्रमुख मंच है
- संसद का सबसे प्रभावशाली सदन है
