सृजनात्मकता का अर्थ (Meaning of Creativity)
सृजनात्मकता का अर्थ है— “कुछ नया पैदा करना” या “परंपरागत तरीकों से हटकर नए और मौलिक तरीके से सोचना”।
- इसे ‘अपसारी चिंतन’ (Divergent Thinking) भी कहा जाता है।
- इसका संबंध मौलिकता (Originality), नवीनता (Novelty) और उपयोगिता से है।
सृजनात्मक चिंतन के तत्व (Elements of Creativity)
गिलफोर्ड (Guilford) के अनुसार सृजनात्मकता के चार मुख्य तत्व होते हैं (याद रखने की ट्रिक: FFOE):
- प्रवाह (Fluency): किसी समस्या पर बहुत सारे विचार या उत्तर देना।
- विविधता/लचीलापन (Flexibility): एक ही समस्या को अलग-अलग दृष्टिकोणों से सोचना।
- मौलिकता (Originality): ऐसे विचार देना जो बिल्कुल नए हों और किसी की नकल न हों।
- विस्तारण (Elaboration): किसी विचार की गहराई में जाना और उसे विस्तार से समझाना।
सृजनात्मकता की प्रक्रिया के चरण (Stages of Creativity)
ग्राहम वालस (Graham Wallas) के अनुसार इसके 4 चरण हैं:
- तैयारी (Preparation): समस्या को समझना और जानकारी जुटाना।
- उद्भवन (Incubation): जब हम समस्या पर सक्रिय रूप से काम नहीं कर रहे होते, लेकिन अवचेतन मन में विचार चल रहा होता है।
- प्रबोधन/प्रकाश (Illumination): अचानक से समस्या का समाधान (Idea) दिमाग में आना (Aha! Moment)।
- प्रमाणीकरण (Verification): यह जाँचना कि वह समाधान सही है या नहीं।
सृजनात्मक बालक की विशेषताएँ (Characteristics)
- ये बच्चे जिज्ञासु होते हैं।
- इनमें जोखिम लेने (Risk-taking) की क्षमता होती है।
- ये स्वतंत्र निर्णय लेते हैं।
- इनका चिंतन अपसारी (Divergent) होता है।
- ये समस्याओं के प्रति संवेदनशील होते हैं।
कक्षा में सृजनात्मकता विकसित करने की विधियाँ (Instructional Strategies)
शिक्षक के रूप में आप बच्चे की सृजनात्मकता कैसे बढ़ाएंगे? (CTET के लिए सबसे महत्वपूर्ण):
- मस्तिष्क उद्वेलन (Brainstorming): बच्चों को बिना किसी रोक-टोक के स्वतंत्र रूप से विचार व्यक्त करने देना।
- मुक्त अंत वाले प्रश्न (Open-ended Questions): ऐसे प्रश्न जिनके एक से अधिक उत्तर हों। (जैसे: “अगर धरती पर पानी खत्म हो जाए तो क्या होगा?”)
- परियोजना कार्य (Project Work): हाथों-हाथ करके सीखने के अवसर देना।
- त्रुटियों की स्वीकार्यता: बच्चों को गलती करने से न डराना, ताकि वे नए प्रयोग कर सकें।
सृजनात्मकता और बुद्धि (Creativity and Intelligence)
- सृजनात्मकता और बुद्धि के बीच सकारात्मक संबंध होता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है कि एक बहुत बुद्धिमान व्यक्ति बहुत सृजनात्मक भी हो।
- उच्च बुद्धि सृजनात्मकता की गारंटी नहीं देती, लेकिन एक औसत बुद्धि सृजनात्मकता के लिए आवश्यक है।
CTET “Key Words” for MCQ:
- Divergent Thinking (अपसारी चिंतन): हमेशा सृजनात्मकता से जुड़ा होता है।
- Out of the Box Thinking: इसे ही सृजनात्मक चिंतन कहते हैं।
- Brainstorming (मस्तिष्क उद्वेलन): बच्चों में नए विचार पैदा करने की सबसे अच्छी तकनीक।
- Rigidity (कठोरता): यह सृजनात्मकता में बाधा है (Negative Word)।
सृजनात्मकता अभ्यास प्रश्नावली (MCQs)
1. सृजनात्मकता मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
- (a) मॉडलिंग (Modeling)
- (b) अनुकरण (Imitation)
- (c) अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking)
- (d) अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)
2. एक शिक्षिका अपनी कक्षा में बच्चों को “यदि बिजली न हो, तो क्या होगा?” जैसे प्रश्न पूछती है। उसका उद्देश्य क्या है?
- (a) बच्चों का सामान्य ज्ञान जाँचना।
- (b) कक्षा में अनुशासन बनाए रखना।
- (c) बच्चों में कल्पनाशील और सृजनात्मक चिंतन को बढ़ावा देना।
- (d) बिजली के महत्व को समझाना।
3. सृजनात्मक चिंतन के लिए ‘मस्तिष्क उद्वेलन’ (Brainstorming) विधि का प्रयोग किसने प्रस्तावित किया था?
- (a) ए.एफ. ओसबोर्न (Alex Osborn)
- (b) जीन पियाजे
- (c) कोहलर
- (d) बी.एफ. स्किनर
4. निम्नलिखित में से कौन-सी सृजनात्मक बालक की विशेषता नहीं है?
- (a) विचारों में मौलिकता
- (b) समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता
- (c) किसी कार्य को करने में बहुत अधिक कठोरता (Rigidity)
- (d) जिज्ञासा की प्रबलता
5. सृजनात्मकता के उस चरण को क्या कहते हैं जब व्यक्ति समस्या पर सक्रिय रूप से विचार नहीं कर रहा होता, फिर भी समाधान उसके अवचेतन मन में विकसित हो रहा होता है?
- (a) तैयारी (Preparation)
- (b) उद्भवन (Incubation)
- (c) प्रबोधन (Illumination)
- (d) प्रमाणीकरण (Verification)




