🌎 महासागर एवं महाद्वीप – कक्षा 6 SST अध्याय 2 (नोट्स)
I. महासागर और महाद्वीप का परिचय
- महाद्वीप (Continents): ये पृथ्वी पर भूमि के विशाल निरंतर विस्तार (Large continuous expanse of land) हैं।
- संख्या: 7
- क्रम (बड़े से छोटे): एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया।
- महासागर (Oceans): ये पृथ्वी पर विशाल जलराशियाँ हैं, जो आपस में जुड़ी हुई हैं और एक वैश्विक महासागर बनाती हैं।
- संख्या: 5
- नाम: प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, आर्कटिक महासागर, दक्षिणी (अंटार्कटिक) महासागर।
II. पृथ्वी पर वितरण और जल संकट
- स्थल और जल का वितरण:
- उत्तरी गोलार्ध: इसमें अधिक स्थल भाग है। इसे स्थलीय गोलार्ध भी कहा जाता है।
- दक्षिणी गोलार्ध: इसमें अधिक जलीय भाग है।
- जल संकट (Water Scarcity):
- पृथ्वी पर 97.5% जल खारा है और उपयोग के लिए अनुपयुक्त है।
- केवल 2.5% ही मीठा (ताजा) पानी है।
- कारण: प्रदूषण, बर्बादी, भूजल का अत्यधिक दोहन और जनसंख्या वृद्धि।
III. महाद्वीपों की मुख्य विशेषताएँ
- एशिया (Asia): सबसे बड़ा महाद्वीप।
- ऑस्ट्रेलिया (Australia): सबसे छोटा महाद्वीप।
- यूरेशिया (Eurasia): जब यूरोप और एशिया को एक साथ लिया जाता है, क्योंकि वे एक ही भूभाग साझा करते हैं।
- अंटार्कटिका (Antarctica):
- यह दक्षिणी ध्रुव पर स्थित है।
- यह पूरे वर्ष बर्फ से ढका रहता है और यहाँ कोई स्थायी मानव निवास नहीं है।
IV. शब्दावली
- द्वीप (Island): एक भूखंड जो चारों तरफ से पानी से घिरा होता है और महाद्वीप से छोटा होता है।
- जल संरक्षण (Water Conservation): पानी को बचाना, जैसे रिसाव ठीक करना और वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) करना।
- अक्षांश रेखाएँ: मानचित्र पर भूमध्य रेखा के समानांतर बनी हुई वृत्ताकार रेखाएँ।
- देशांतर रेखाएँ: ध्रुवों को जोड़ते हुए खींची गई अर्धवृत्ताकार रेखाएँ।