भारतीय मरुस्थल (The Indian Desert) – कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान
1. परिचय एवं स्थान
- नाम: थार मरुस्थल (The Great Indian Desert)
- स्थान: यह भारत के पश्चिमी भाग में, अरावली पहाड़ियों के पश्चिमी किनारे पर स्थित है।
- विस्तार: इसका अधिकांश भाग राजस्थान राज्य में फैला हुआ है।
2. भौगोलिक विशेषताएँ
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| भू-आकृति (Topography) | यह एक लहरदार, रेतीला मैदान है जिसमें बालू के टीले प्रमुखता से पाए जाते हैं। |
| जलवायु (Climate) | यहाँ की जलवायु शुष्क (Arid) है। ग्रीष्मकाल में तापमान 50°C तक पहुँच जाता है। |
| वनस्पति (Vegetation) | यहाँ वनस्पति का आवरण बहुत कम है। मुख्य रूप से कटीली झाड़ियाँ (Thorn Forests) और छोटे कैक्टस (Cacti) पाए जाते हैं। |
| वर्षा (Rainfall) | वर्षा की मात्रा बहुत कम होती है, औसतन प्रति वर्ष 150 मिमी से भी कम। यह अत्यंत कम वर्षा इसे मरुस्थल बनाती है। |
3. नदियाँ और जल निकासी (Drainage System)
- मुख्य नदी: इस क्षेत्र की एकमात्र महत्वपूर्ण नदी लूनी है।
- अल्पकालिक नदियाँ: इस क्षेत्र की अधिकांश नदियाँ मौसमी होती हैं। वे केवल वर्षा ऋतु में ही दिखाई देती हैं।
- विलुप्तता: अत्यधिक वाष्पीकरण (Evaporation) और अपर्याप्त जल आपूर्ति के कारण ये नदियाँ समुद्र तक नहीं पहुँच पातीं और रेत में ही विलुप्त हो जाती हैं।
4. प्रमुख भू-आकृतियाँ
भारतीय मरुस्थल में दो प्रमुख भू-आकृतियाँ पाई जाती हैं:
- बरकान (Barchans):
- ये अर्धचंद्राकार (Crescent-shaped) बालू के टीले होते हैं।
- ये भारत-पाकिस्तान सीमा के पास प्रमुखता से पाए जाते हैं।
- अनुदैर्ध्य टीले (Longitudinal Dunes):
- ये हवा की दिशा के समानांतर (Parallel) बनने वाले टीले होते हैं।
- ये टीले बरकानों की तुलना में अधिक गहराई तक फैले होते हैं।
5. महत्व और पारिस्थितिकी
- पर्यावरण: यह एक अनूठा और विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाता है जो कठोर परिस्थितियों के अनुकूल पौधों और जानवरों का समर्थन करता है।
- अर्थव्यवस्था: कृषि यहाँ सीमित है (केवल इंदिरा गांधी नहर द्वारा सिंचित क्षेत्रों में), लेकिन पशुपालन यहाँ की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
