क्षेत्रमिति के सूत्र
त्रिभुज ∆ (Triangle):
समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √3/4 × (भुजा)²
समबाहु त्रिभुज को परिमिति = 3 × भुजा
समबाहु त्रिभुज के शीर्ष बिंदु से डाले गए लम्ब की लम्बाई = √3/4 × भुजा
समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/4a√4b² – a²
समद्विबाहु त्रिभुज की परिमिति = a + 2b या a + 2c
समद्विबाहु त्रिभुज के शीर्ष बिंदु A से डाले गए लम्ब की लंबाई = √(4b² – a²)
विषमबाहु त्रिभुज की परिमिति = तीनों भुजाओं का योग = a + b + c
त्रिभुज का अर्ध परिमाप S = ½ × (a + b + c)
विषमबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √s(s – a)(s – b)(s – c)
समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × आधार × लम्ब
समकोण त्रिभुज की परिमिति = लंब + आधार + कर्ण = a + b + c
समकोण त्रिभुज का कर्ण = √(लम्ब)² + (आधार)² = √(c² + a²)
समकोण त्रिभुज का लम्ब = √(कर्ण)² – (आधार)² = √(b² – a²)
समकोण त्रिभुज का आधार = √(कर्ण)² – (लम्ब)² = √b² – c²
समद्विबाहु समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल = ¼ (कर्ण)²
किसी त्रिभुज की प्रत्येक भुजा को x गुणित करने पर परिमिति x गुणित तथा क्षेत्रफल x^2 गुणित हो जाती हैं।
समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता हैं।
समकोण त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° अर्थात दो समकोण होता हैं।
आयत (Rectangle):
आयत का क्षेत्रफल = लंबाई ×चौड़ाई
आयत का विकर्ण =√(लंबाई² + चौड़ाई²)
आयत का परिमाप = 2(लम्बाई + चौड़ाई)
किसी आयताकार मैदान के अंदर से चारों ओर रास्ता बना हो, तो रास्ते का क्षेत्रफल = 2 × रास्ते की चौड़ाई × [(मैदान की लंबाई + मैदान की चौड़ाई) – (2 × रास्ते की चौड़ाई)]
यदि आयताकार मैदान के बाहर चारों ओर रास्ता बना हों, तो रास्ते का क्षेत्रफल = 2 × रास्ते की चौड़ाई × [(मैदान की लम्बाई + मैदान की चौड़ाई) + (2 × रास्ते की चौड़ाई)
वर्ग (Square):
वर्ग का क्षेत्रफल = (एक भुजा)² = a²
वर्ग का क्षेत्रफल = (परिमिति)²/16
वर्ग का क्षेत्रफल = ½ × (विकर्णो का गुणनफल) = ½ × AC × BD
वर्ग की परिमिति = 4 × a
वर्ग का विकर्ण = एक भुजा × √2 = a × √2
वर्ग का विकर्ण = √2 × वर्ग का क्षेत्रफल
वर्ग की परिमिति = विकर्ण × 2√2
वर्गाकार क्षेत्र के बाहर चारों ओर रास्ता बना हो तो रास्ते का क्षेत्रफल = 4 × रास्ते की चौड़ाई (वर्गाकार क्षेत्र की एक भुजा + रास्ते की चौड़ाई)
वर्गाकार क्षेत्र के अंदर चारों ओर रास्ता बना हो तो रास्ते का क्षेत्रफल = 4 × रास्ते की चौड़ाई (वर्गाकार क्षेत्र की एक भुजा – रास्ते की चौड़ाई)
घन (Cube):
घन का आयतन = a × a × a
घन का आयतन = (एक भुजा)³
घन की एक भुजा 3√आयतन
घन का विकर्ण = √3a सेंटीमीटर।
घन का विकर्ण = √3 × एक भुजा
घन की एक भुजा = विकर्ण/√3
घन का परिमाप = 4 × a × a
घन के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 6 a² वर्ग सेंटीमीटर।
बेलन (Cylinder):
बेलन का आयतन = πr²h
बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2πrh
बेलन के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = (2πrh + 2πr²h) वर्ग सेंटीमीटर।
दोनों सतहों का क्षेत्रफल = 2πr²
खोखले बेलन का आयतन = πh(r²1 – r²2)
खोखले बेलन का वक्रप्रष्ठ = 2πh(r1 + r2)
खोखले बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ = 2πh(r1 + r2) + 2π (r²1 – r²1)
शंकु (Cone):
शंकु का वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = πrl
शंकु के पृष्ठों का क्षेत्रफल = πr(r + l)
शंकु का आयतन = (πr²h)/3 घन सेंटीमीटर।
शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l) = √(r² + h²)
शंकु की ऊँचाई (h) = √(l² – r²)
शंकु की त्रिज्या (r) = √(l² – h²)
शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = (πrl + πr²) वर्ग सेंटीमीटर।
शंकु का छिन्नक (Frastrum):
शंकु के छिन्नक का आयतन = (πh)/3 (R² + r² + Rr)
तिर्यक भाग का क्षेत्रफल = π (R + r)³, l² = h² + (R – r)²
छिन्नक के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = π[R² + r² + l(R + r)]
तिर्यक ऊँचाई = √(R – r)² + h²
समलम्ब चतुर्भुज (Trapezium Quadrilateral):
समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × समान्तर भुजाओं का योग × समांतर भुजाओं के बीच की दूरी
समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × ऊँचाई × समान्तर भुजाओं का योग
समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × h × (AD + BC)
समान्तर चतुर्भुज की परिमिति = 2 × (आसन्न भुजाओं का योगफल)
समचतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × विकर्णो का गुणनफल
समचतुर्भुज की परिमिति = 4 × एक भुजा
किसी चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × एक विकर्ण
समचतुर्भुज की एक भुजा = √(विकर्ण)² + (विकर्ण)²
समचतुर्भुज का एक विकर्ण = √भुजा² – (दूसरा विकर्ण/2)²
बहुभुज (Polygon):
n भुजा वाले चतुर्भुज का अन्तः कोणों का योग = 2(n -2) × 90°
n भुजा वाले बहुभुज के बहिष्कोणों का योग = 360°
n भुजा वाले समबहुभुज का प्रत्येक अन्तः कोण = [2(n – 2) × 90°] / n
n भुजा वाले समबहुभुज का प्रत्येक भहिष्यकोण = 360°/n
बहुभुज की परिमिति = n × एक भुजा
नियमित षट्भुज का क्षेत्रफल = 6 × ¼√3 (भुजा)²
नियमित षट्भुज का क्षेत्रफल = 3√3×½ (भुजा)²
नियमित षट्भुज की परिमति = 6 × भुजा
समषट्भुज की भुजा = परिवृत की त्रिज्या
n भुजा वाले नियमित बहुभुज के विकर्णो की संख्या = n(n – 3)/2
घनाभ (Cuboid):
घनाभ के फलक का आकार = आयताकार
घनाभ में 6 सतह या फलक होते हैं।
घनाभ में 12 किनारे होते हैं।
घनाभ में 8 शीर्ष होते हैं।
घनाभ का आयतन = लम्बाई × चौड़ाई × ऊँचाई
घनाभ की लंबाई = आयतन/(चौड़ाई × ऊँचाई)
घनाभ की चौड़ाई = आयतन/(लम्बाई × ऊँचाई)
घनाभ की ऊँचाई = आयतन/(लंबाई × चौड़ाई)
घनाभ का आयतन = l × b × h
घनाभ का परिमाप = 2(l + b) × h
घनाभ के समस्त पृष्ठों का क्षेत्रफल = 2(लम्बाई × चौड़ाई + चौड़ाई × ऊँचाई + ऊँचाई × लम्बाई)
घनाभ के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)
घनाभ के विकर्ण = √(लम्बाई)² + (चौड़ाई)² + (ऊँचाई)²
घनाभ का विकर्ण = √l² + b² + h²
खुले बक्से के सम्पूर्ण पृष्ठों का क्षेत्रफल = लम्बाई × चौडाई + 2(चौडाई × ऊँचाई + ऊँचाई × लम्बाई)
कमरे के चारों दीवारों का क्षेत्रफल = 2 × ऊँचाई × (लम्बाई + चौड़ाई)
किसी कमरे में लगने वाली अधिकतम लम्बाई वाली छड़ = √(लम्बाई)² + (चौड़ाई)² + (ऊँचाई)²
गोला (Sphere):
गोला का आयतन = (4πr³)/3 घन सेंटीमीटर
गोले का वक्र पृष्ठ = 4πr² वर्ग सेंटीमीटर
गोले की त्रिज्या = ∛3/4π × गोले का आयतन
गोले का व्यास = ∛ (6 × गोले का आयतन)/π
गोलाकार छिलके का आयतन = 4/3π(R³ – r³)
गोले का सम्पूर्ण पृष्ठ = 4πr
गोले की त्रिज्या = √सम्पूर्ण पृष्ठ/4π
गोले का व्यास = √सम्पूर्ण पृष्ठ/π
गोलाकार छिलके का आयतन = 4/3π(R³ – r³)
अर्द्धगोला (Semipsphere):
अर्द्ध गोले का वक्र पृष्ठ = 2πr²
अर्द्धगोले का आयतन = 2/3πr³ घन सेंटीमीटर
अर्द्धगोले का सम्पूर्ण पृष्ठ = 3πr² वर्ग सेंटीमीटर
अर्द्वगोले की त्रिज्या r हो, तो अर्द्वगोले का आयतन = 2/3 πr³
अर्द्वगोले का सम्पूर्ण पृष्ठ = 3πr²
वृत्त (CIRCLE):
वृत्त का व्यास = 2 × त्रिज्या = 2r
वृत्त की परिधि = 2π त्रिज्या = 2πr
वृत्त की परिधि = π × व्यास = πd
वृत्त का क्षेत्रफल = π × त्रिज्या² = πr²
वृत्त की त्रिज्या = √वृत्त का क्षेत्रफल/π
अर्द्ववृत्त की परिमिति = (n + 2)r = (π + 2)d/2
अर्द्ववृत्त का क्षेत्रफल = 1/2πr² = 1/8 πd²
त्रिज्याखण्ड का क्षेत्रफल = θ/360° × वृत्त क्षेत्रफल = θ/360° × πr²
त्रिज्याखण्ड की परिमिति = (2 + πθ/180°)r
वृतखण्ड का क्षेत्रफल = (πθ/360° – 1/2 sinθ)r²
वृतखण्ड की परिमिति = (L + πrθ)/180° , जहाँ L = जीवा की लम्बाई
चाप की लम्बाई = θ/360° × वृत्त की परिधि
चाप की लम्बाई = θ/360° × 2πr
दो संकेन्द्रीय वृत्तों जिनकी त्रिज्याए R1, R2, (R1 ≥ R2) हो तो इन वृत्तों के बीच का क्षेत्रफल = π(r²1 – r²2)
आयतन के सूत्र:
घन का आयतन = भुजा³
घनाभ का आयतन = लम्बाई × चौड़ाई ×ऊंचाई
बेलन का आयतन = πr²h
खोखले बेलन का आयतन = π(r1² – r2²)h
शंकु का आयतन = ⅓ πr2h
शंकु के छिन्नक का आयतन = ⅓ πh[r1² + r2²+r1r2]
गोले का आयतन = 4/3 πr3
अर्द्धगोले का आयतन = ⅔ πr3
गोलीय कोश का आयतन = 4/3 π(r13 – r23)
Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
