शारंगधर का साहित्यिक परिचय
शारंगधर का साहित्यिक परिचय शारंगधर अच्छे कवि और सूत्रकार थे। इन्होंने ‘शारंगधर पद्धति’ के नाम से एक सुभाषित संग्रह भी […]
शारंगधर का साहित्यिक परिचय शारंगधर अच्छे कवि और सूत्रकार थे। इन्होंने ‘शारंगधर पद्धति’ के नाम से एक सुभाषित संग्रह भी […]
अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध का साहित्यिक परिचय अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ (15 अप्रैल, 1865-16 मार्च, 1947) हिन्दी के कवि, निबन्धकार तथा
हेमचन्द्र का साहित्यिक परिचय आचार्य हेमचंद्रका जन्म गुजरात में अहमदाबाद से १०० किलोमीटर दूर दक्षिण-पश्चिम स्थित धंधुका नगर में
परमानन्ददास वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में एक कवि जिन्होने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का
छीतस्वामी वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में एक। जिन्होने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का अपने
चतुर्भुजदास, कुम्भनदास के पुत्र और गोस्वामी विट्ठलनाथ के शिष्य थे। डा ० दीन दयाल गुप्त के अनुसार इनका जन्म वि
महाकवि भूषण का जन्म संवत 1670 तदनुसार ईस्वी 1613 में हुआ। वे मूलतः टिकवापुर गाँव के निवासी थे जो वर्तमान
कृष्णदास हिन्दी के भक्तिकाल के अष्टछाप के कवि थे। उनका जन्म 1495 ई. के आसपास गुजरात में चिलोतरा ग्राम के
रीति काल के ब्रजभाषा कवियों में पद्माकर (1753-1833) का महत्त्वपूर्ण स्थान है। वे हिंदी साहित्य के रीतिकालीन कवियों में अंतिम
शबरपा सिद्ध साहित्य की रचना करने वाले प्रमुख सिद्धों में से एक हैं। इनका जन्म 780 ई॰ में क्षत्रिय कुल