घनानंद का साहित्यिक परिचय
घनानंद (1673- 1760) रीतिकाल की तीन प्रमुख काव्यधाराओं- रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त के अंतिम काव्यधारा के अग्रणी कवि हैं। ये […]
घनानंद (1673- 1760) रीतिकाल की तीन प्रमुख काव्यधाराओं- रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त के अंतिम काव्यधारा के अग्रणी कवि हैं। ये […]
प्रकृति से ठाकुर स्वच्छंद, मनमौजी, निर्भीक, स्पष्टवादी, स्वाभिमानी, सौंदर्यप्रेमी, भावुक, ‘विरोधियों के प्रति उग्र एवं सहयोगियों के प्रति सहृदय’, उदार
वृन्द (1643-1723) हिन्दी के कवि थे। इनके नीति के दोहे बहुत प्रसिद्ध हैं। वृन्द का साहित्यिक परिचय पं॰ रामनरेश त्रिपाठी इनका जन्म सन् 1643 में मथुरा (उ.प्र.) क्षेत्र के किसी गाँव का बताते
अम्बिका दत्त व्यास जी का साहित्यिक जीवन परिचय अम्बिकादत्त व्यास (जन्म- 1848; मृत्यु- 1900) ब्रजभाषा के कुशल और सरस कवि
चिंतामणि त्रिपाठी जी का साहित्यिक जीवन परिचय ये यमुना के समीपवर्ती गाँव टिकमापुर या भूषण के अनुसार त्रिविक्रमपुर (जिला कानपुर)
मतिराम, हिंदी के प्रसिद्ध ब्रजभाषा कवि थे। मतिराम जी का साहित्यिक जीवन परिचय मतिराम का जन्म सन १६१७ में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित तिकवांपुर (त्रिविक्रमपुर) में हुआ।
रसलीन का साहित्यिक परिचय रसलीन का पूरा नाम सैयद गुलाम नबी था। ये रसलीन उपनाम से कविता लिखते थे। इनके पिता
देव जी का साहित्यिक जीवन परिचय प्रसिद्ध देव कवि का जन्म सं. १७३० में हुआ था। ये द्यौसरिया (देवसरिया) कान्यकुब्ज
गोविन्दस्वामी वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में एक थे। गोविन्द स्वामीजी का साहित्यिक जीवन परिचय इनका जन्म
कुम्भनदास अष्टछाप के एक कवि थे और परमानंददास जी के ही समकालीन थे। ये पूरे विरक्त और धन, मान, मर्यादा