प्रत्यय की परिभाषा और उसके भेद
प्रत्यय शब्द के मूल में जुड़कर उसके अर्थ और रूप में परिवर्तन लाने वाला शब्दांश होता है। इसे हम शब्द […]
प्रत्यय शब्द के मूल में जुड़कर उसके अर्थ और रूप में परिवर्तन लाने वाला शब्दांश होता है। इसे हम शब्द […]
संज्ञा या सर्वनाम के आगे जब ‘ने’, ‘को’, ‘से’ आदि विभक्तियाँ लगती हैं, तब उनका रूप ही ‘कारक’ कहलाता हैं।
‘लिंग’ संस्कृत भाषा का एक शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘चिह्न’ या ‘निशान’। चिह्न या निशान किसी संज्ञा का
भाषा की सुदृढ़ता, भावों की गम्भीरता और चुस्त शैली के लिए यह आवश्यक है कि लेखक शब्दों (पदों) के प्रयोग
भाषा में कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है, जो अनेकार्थी होते हैं। अनेकार्थी शब्द की परिभाषा ऐसे शब्द, जिनके
वर्णो या मात्राओं के नियमित संख्या के विन्यास से यदि आहाद पैदा हो, तो उसे छन्द कहते है।दूसरे शब्दो में-अक्षरों