परजीवी प्रोटोजोआ
परजीवी प्रोटोजोआ (Parasitic Protozoans) प्रोटिस्टा जगत के अधिकांश जीव स्वतंत्र होते हैं, जो जल, गीली मिट्टी, सड़ी-गली कार्बनिक पदार्थों में […]
परजीवी प्रोटोजोआ (Parasitic Protozoans) प्रोटिस्टा जगत के अधिकांश जीव स्वतंत्र होते हैं, जो जल, गीली मिट्टी, सड़ी-गली कार्बनिक पदार्थों में […]
प्रोटोजोआ समुदाय के जीवों को पाँच जगत वर्गीकरण पद्धति में चार प्रमुख संघों में वर्गीकृत किया गया है। ये संघ
प्रोटिस्टा का वर्गीकरण (Classification of Protista), Read Post »
डायटमों (Diatoms) – स्वर्ण शैवाल डायटम, जो कि स्वर्ण शैवाल (Golden Algae) या डायटम (Diatoms) के नाम से भी जाने
घूर्णी कशाभ या अग्नि शैवाल या डाइनोफाइटा (Dinoflagellates or Pyrrophyta or Dinophyta) डाइनोफ्लैजिलेट्स (Dinoflagellates) एककोशिकीय, स्वपोषी जीव होते हैं जो
घूर्णी कशाभ या अग्नि शैवाल या डाइनोफाइटा (Dinoflagellates or Pyrrophyta or Dinophyta) Read Post »
प्रोटिस्टा जगत में प्रजनन (Reproduction in Protista Kingdom) प्रोटिस्टा जगत के जीवों में प्रजनन की दो मुख्य विधियाँ होती हैं:
प्रोटिस्टा जीवों में प्रचलन के लिए विशिष्ट अंग पाये जाते हैं, जिन्हें प्रचलन अंग (Locomotory Organs) कहते हैं। ये अंग
प्रोटिस्टा (Protista) यूकैरियोटिक एककोशिकीय जीवों का एक समूह है। प्रोटिस्टा में ऐसे जीवों को रखा जाता है जो आमतौर पर
माइकोप्लाज्मा का आर्थिक महत्व (Economic Importance of Mycoplasma) माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) छोटे, सेलविहीन सूक्ष्मजीव होते हैं जो मनुष्यों, पौधों, और जन्तुओं
माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) माइकोप्लाज्मा एक प्रकार के सूक्ष्मजीव हैं, जो जीवाणु और विषाणु दोनों के गुण प्रदर्शित करते हैं। ये प्रोकैरियोटिक
सायनोजीवाणु – नीलहरित शैवाल (Cyanobacteria – Blue-green Algae) परिचयसायनोजीवाणु, जिन्हें नीलहरित शैवाल (Blue-green algae) भी कहा जाता है, एककोशिकीय (Unicellular)